पीएम मोदी की कार्यशैली में 'इनोवेशन लैब' की तरह काम करती है सरकार

पीएम मोदी की कार्यशैली में इनोवेशन लैब की तरह काम करती है सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ 'चिंतन शिविर' आयोजित किया। इस मौके पर एक्स अकाउंट 'मोदी स्टोरी' ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने शासन-प्रशासन के कामकाज के तरीके में कई ऐसे प्रयोग किए हैं, जिन्होंने सरकारी व्यवस्था को नई दिशा दी है।

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ 'चिंतन शिविर' आयोजित किया। इस मौके पर एक्स अकाउंट 'मोदी स्टोरी' ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने शासन-प्रशासन के कामकाज के तरीके में कई ऐसे प्रयोग किए हैं, जिन्होंने सरकारी व्यवस्था को नई दिशा दी है।

मोदी स्टोरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "सुना है कि आज प्रधानमंत्री मोदी अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ चिंतन शिविर कर रहे हैं? वर्षों से उन्होंने सरकार के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है और अक्सर शासन को एक 'इनोवेशन लैब' की तरह देखा है।"

पोस्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे प्रयोग शुरू किए, जिनमें कुछ बेहद सरल हैं तो कुछ दूरगामी प्रभाव वाले। इनमें से एक पहल 'अनुभव' है, जिसके तहत सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अधिकारी अपनी सेवा के दौरान हासिल अनुभवों और सीख को दस्तावेज के रूप में दर्ज करते हैं, ताकि अगली पीढ़ी के अधिकारी उससे लाभ उठा सकें।

मोदी स्टोरी ने 'स्वतः सुखाय' पहल का भी उल्लेख किया। इसके तहत अधिकारी अपने विभाग से अलग किसी सार्वजनिक हित के प्रोजेक्ट पर स्वेच्छा से काम करते हैं, जिससे उन्हें समाज के लिए योगदान देने का संतोष मिलता है।

पोस्ट के अनुसार 'बैक टू द फर्स्ट पोस्टिंग' पहल में वरिष्ठ अधिकारियों को अपने प्रशासनिक करियर की पहली तैनाती वाले जिले या तालुका में वर्षों बाद वापस जाकर यह देखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वहां कितना विकास हुआ है।

इसके अलावा 'असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम' का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत नए नियुक्त आईएएस अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग से पहले तीन महीने तक केंद्र सरकार के मंत्रालयों में काम करने का अवसर दिया जाता है, ताकि वे केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें।

पोस्ट में 'वन सेक्रेटरी, वन तालुका' पहल को भी रेखांकित किया गया। इसके तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पिछड़े तालुकों की जिम्मेदारी दी जाती है, ताकि वे जमीनी हकीकत से जुड़े रहें और विकास कार्यों की निगरानी कर सकें।

मोदी स्टोरी ने इन पहलों को नौकरशाही और शासन व्यवस्था में किए गए ऐसे प्रयोग बताया, जिनका उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी, अनुभव-आधारित और जमीनी जरूरतों से जुड़ा बनाना है।

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Created On :   23 Sept 2026 4:46 PM IST

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