केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा ‘सेवा संकल्प’ नहीं, राजनीतिक हथकंडा कांग्रेस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा ‘सेवा संकल्प’ नहीं, राजनीतिक हथकंडा कांग्रेस
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय दौरा 'सेवा संकल्प अभियान' नहीं है, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक फायदे के लिए अपनाया गया एक हथकंडा है।

मुंबई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय दौरा 'सेवा संकल्प अभियान' नहीं है, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक फायदे के लिए अपनाया गया एक हथकंडा है।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' की घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए सपकाल ने पूरे महाराष्ट्र में सूखे जैसी गंभीर स्थिति और किसानों की बदहाली का जिक्र किया और केंद्र सरकार से तुरंत राहत की मांग की।

उन्होंने राज्यभर के प्रभावित किसानों का पूरा कर्ज माफ करने और फसल का भारी नुकसान झेलने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये देने की मांग की।

सपकाल ने कहा, "अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सच में महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत किसानों का पूरा कर्ज माफ करने और प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपए मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए। वरना यह दौरा भ्रष्टाचार के मामलों को निपटाने के लिए एक राजनीतिक हथकंडे के अलावा और कुछ नहीं है।"

उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल दौरे के पीछे के मकसद पर भी सवाल उठाए और सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर उद्योगपतियों को कीमती जमीनें ट्रांसफर करने और कुंभ मेले से जुड़े खर्चों सहित फंड के आवंटन पर जवाबदेही की मांग करने का आरोप लगाया।

उन्‍होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व पर भी निशाना साधा और आरएसएस के हालिया 'उदार' रुख को नकली और बेईमानी भरा बताया।

उन्होंने दावा किया कि आरएसएस भारतीय संविधान और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर संदिग्ध रुख रखती है और संघ के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवलकर की किताब "बंच ऑफ थॉट्स" जैसे बुनियादी ग्रंथों में बताए गए अपने मूल सिद्धांतों को छिपाती है।

सपकाल ने देश में भाजपा-आरएसएस के 'मुस्लिम-विरोधी' रुख और विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 से ज्‍यादा इस्लामिक देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान स्वीकार करने के बीच जबरदस्त विरोधाभास की बात कही।

उन्होंने मांग की कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत संविधान, अल्पसंख्यक समुदायों और संगठन के व्यापक राजनीतिक एजेंडे पर संगठन के स्पष्ट विचारों के बारे में सीधे तौर पर सफाई दें।

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Created On :   13 Sept 2026 7:27 PM IST

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