कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच बेंगलुरु पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे

कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच बेंगलुरु पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के भीतर जारी असंतोष के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शुक्रवार को बेंगलुरु पहुंचे। दोनों नेता राज्यसभा चुनाव के लिए खड़गे के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए।

बेंगलुरु, 5 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के भीतर जारी असंतोष के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शुक्रवार को बेंगलुरु पहुंचे। दोनों नेता राज्यसभा चुनाव के लिए खड़गे के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए।

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मंसूर अली खान के साथ कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए खड़गे का नामांकन दाखिल कराने विधान सौधा पहुंचे।

बेंगलुरु पहुंचने पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने स्वागत किया।

इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचने के बाद केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक पौधा लगाया। इस दौरान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, मंत्री एम.बी. पाटिल और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इधर, कर्नाटक सरकार के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आ गया है। जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को कैबिनेट से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु अर्बन विभाग देने का अपना वादा पूरा नहीं किया।

रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि सरकार गठन के समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि ढाई साल बाद उन्हें बेंगलुरु अर्बन विभाग दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि डी.के. शिवकुमार और उनके भाई डी.के. सुरेश ने व्यक्तिगत रूप से यह भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में उन्हें जल संसाधन विभाग सौंप दिया गया।

वहीं, सरकार को एक और झटका तब लगा जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग दिए जाने पर नाराजगी जताई और मंत्रालय का कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया। उन्होंने पार्टी आलाकमान से हस्तक्षेप कर स्थिति सुधारने की मांग की है।

दलित समुदाय से आने वाले के.एच. मुनियप्पा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और जनसरोकारों से जुड़ी राजनीति के लिए उन्हें जाना जाता है।

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Created On :   5 Jun 2026 5:48 PM IST

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