रूस-यूक्रेन के बीच 160-160 युद्धबंदियों की अदला-बदली, यूएई ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

रूस-यूक्रेन के बीच 160-160 युद्धबंदियों की अदला-बदली, यूएई ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
रूस और यूक्रेन ने शुक्रवार को एक बार फिर युद्धबंदियों की अदला-बदली की। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस बार दोनों तरफ से 160-160 कैदियों को छोड़ा गया।

मॉस्को, 26 जून (आईएएनएस)। रूस और यूक्रेन ने शुक्रवार को एक बार फिर युद्धबंदियों की अदला-बदली की। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस बार दोनों तरफ से 160-160 कैदियों को छोड़ा गया।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यूक्रेन के कब्जे वाले इलाके से 160 रूसी सैनिकों को वापस लाया गया, जबकि इसके बदले 160 यूक्रेनी युद्धबंदियों को छोड़ा गया।

मंत्रालय के मुताबिक, वापस आए रूसी सैनिकों को पहले बेलारूस में मेडिकल और मानसिक सहायता दी जा रही है। इसके बाद उन्हें आगे इलाज और देखभाल के लिए रूस भेजा जाएगा।

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के अनुसार, इस अदला-बदली में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मानवीय मदद और मध्यस्थता की भूमिका निभाई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रिहा किए गए यूक्रेनी सैनिक 2022 से कैद में थे।

जेलेंस्की ने कहा कि इनमें यूक्रेनी सशस्त्र बलों के जवान, स्टेट स्पेशल ट्रांसपोर्ट सर्विस, नेशनल गार्ड और स्टेट बॉर्डर गार्ड सर्विस के सदस्य शामिल हैं।

शुक्रवार की यह अदला-बदली 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद रूस और यूक्रेन के बीच 76वीं कैदी अदला-बदली थी।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रोवा ने मानवीय बातचीत जारी रखने के लिए बेलारूस-यूक्रेन सीमा पर अपने यूक्रेनी समकक्ष दिमित्री लुबिनेट्स से मुलाकात की।

जून में रूस-यूक्रेन के बीच 185-185 युद्धबंदियों की अदला-बदली हुई थी। इसी तरह मई में 205 कैदियों का आदान-प्रदान किया गया था। फरवरी 2025 में भी दोनों देशों ने 150-150 युद्धबंदियों को छोड़ा था।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "यूएई ने मानवीय मध्यस्थता के जरिए रूसी सैनिकों को वापस लाने में मदद की।"

16 मई 2025 को इस्तांबुल में हुई सीधी बातचीत के बाद रूस और यूक्रेन 1,000-1,000 कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए थे। यह 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद सबसे बड़ा कैदी आदान-प्रदान था।

इसी तरह जनवरी 2024 में भी दोनों देशों के 195-195 सैनिकों की अदला-बदली हुई थी, जिसमें यूएई ने मध्यस्थता की थी।

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Created On :   26 Jun 2026 11:59 PM IST

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