लोगों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की नई पहल, अश्विनी वैष्णव ने रेलवे ट्रैक के पास सबवे बनाने के दिए निर्देश

लोगों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की नई पहल, अश्विनी वैष्णव ने रेलवे ट्रैक के पास सबवे बनाने के दिए निर्देश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलवे ट्रैक के पास, खासकर जहां लोग रहते हैं, वहां सबवे बनाने के लिए देश भर में एक योजना तैयार की जाए, जिसका उद्देश्य हादसों को कम करना और लोगों को सुरक्षित तरीके से रेलवे लाइन पार करने का विकल्प देना है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलवे ट्रैक के पास, खासकर जहां लोग रहते हैं, वहां सबवे बनाने के लिए देश भर में एक योजना तैयार की जाए, जिसका उद्देश्य हादसों को कम करना और लोगों को सुरक्षित तरीके से रेलवे लाइन पार करने का विकल्प देना है।

रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत देश भर में रेलवे ट्रैक के पास बसे सभी इलाकों को अगले 5 से 6 साल में कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों से कहा गया है कि सबवे का डिजाइन ऐसा हो कि लोग आसानी से और आराम से उनका इस्तेमाल कर सकें। साथ ही, बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या न हो, इसका भी खास ध्यान रखने को कहा गया है।

मंत्रालय ने बताया कि इन सबवे का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि ट्रेन सेवाओं पर कम से कम असर पड़े। इन्हें बहुत कम समय, लगभग 12 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक में पूरा करने की योजना है।

सुरक्षा से जुड़े इन कामों के साथ-साथ मंत्री ने कवच प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की। यह भारतीय रेलवे का स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। बैठक में इसे तेजी से लागू करने और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।

रेलवे ने कवच सिस्टम में कई सुधार किए हैं, जैसे यूनिवर्सल ब्रेकिंग एल्गोरिदम, जिससे अलग-अलग कंपनियों के ब्रेकिंग सिस्टम को एक जैसा बनाया जा सके।

इसके अलावा सॉफ्टवेयर सुधार, डिजाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग और लोकोमोटिव व सिग्नलिंग सिस्टम के साथ बेहतर तालमेल से इसकी विश्वसनीयता बढ़ाई जा रही है।

एक सेंट्रल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म 'सुरक्षा' भी विकसित किया जा रहा है, जिससे कवच सिस्टम की रियल-टाइम निगरानी और समय रहते मेंटेनेंस किया जा सकेगा।

अब तक कवच सिस्टम 3,100 किलोमीटर से ज्यादा रेलवे रूट पर लगाया जा चुका है, जबकि 24,000 किलोमीटर से ज्यादा रूट पर काम चल रहा है। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रूट्स पर इसका काफी काम हो चुका है और आगे भी इसे तेजी से बढ़ाया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Created On :   26 March 2026 7:57 PM IST

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