दिल्ली में पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, नंदामुरी बालकृष्ण और एनरिक आर्से ने बढ़ाई शोभा

दिल्ली में पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, नंदामुरी बालकृष्ण और एनरिक आर्से ने बढ़ाई शोभा
दिल्ली सितारों की जगमगाहट से रोशन हो उठी है, क्योंकि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े स्टार्स को देखा जा रहा है। आमिर खान और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के बाद अब अभिनेता नंदामुरी बालकृष्ण ने समारोह को हिस्सा बन चार-चंदा लगा दिए। उन्होंने फेस्टिवल के आयोजन के लिए सीएम रेखा का आभार जताया।

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली सितारों की जगमगाहट से रोशन हो उठी है, क्योंकि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े स्टार्स को देखा जा रहा है। आमिर खान और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के बाद अब अभिनेता नंदामुरी बालकृष्ण ने समारोह को हिस्सा बन चार-चंदा लगा दिए। उन्होंने फेस्टिवल के आयोजन के लिए सीएम रेखा का आभार जताया।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अभिनेता नंदामुरी बालकृष्ण ने कहा, "बहुत मजा आया दिल्ली की सीएम रेखा ने समारोह का उद्घाटन किया। यह बहुत खुशी की बात है कि देश की राजधानी में पहली बार फिल्म फेस्टिवल का आगाज हुआ है और बड़ी-बड़ी फिल्मी हस्तियां समारोह का हिस्सा बन रही हैं।"

समारोह में निर्देशक जुआन मैनुअल मोंटिला भी पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं वास्तव में आश्चर्यचकित हूं क्योंकि मुझे पता है कि यह इस अद्भुत महोत्सव का पहला संस्करण है और मुझे यकीन है कि यह निश्चित रूप से आखिरी नहीं होगा।"

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में विदेशी कलाकारों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में चार-चांद लगाने के लिए स्पेनिश अभिनेता एनरिक आर्से भी पहुंचे, जो समारोह का हिस्सा बन बहुत खुश हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "भारत में, दिल्ली शहर में और फिल्म महोत्सव के पहले संस्करण में शामिल होकर बहुत खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि यह आखिरी नहीं होगा। कल का समारोह शानदार था। मुझे भारतीय फिल्मों, सिनेमाटोग्राफी और उन नए अभिनेताओं के बारे में बहुत कुछ पता चला। मैं अब से आगे से फॉलो करूंगा।"

फिल्म महोत्सव के बारे में सांसद, पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक विश्व विजयेंद्र प्रसाद ने भी अपनी बात रखी। लेखक का कहना है कि लंबे समय से वो ऐसे समारोह के आयोजन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं लंबे समय से सोच रहा था कि भारत की राजधानी दिल्ली होने के बावजूद दिल्ली में यह महोत्सव अब तक क्यों नहीं आयोजित किया जा रहा है? सौभाग्य से आखिरकार लोगों को दिल्ली में फिल्म महोत्सव आयोजित करने का महत्व समझ में आ गया है।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   26 March 2026 8:47 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story