लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं, बोले सीएस शेट्टी

लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं, बोले सीएस शेट्टी
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की प्रमोटर कंपनी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि लिस्टिंग के बाद एसबीआई की इस कंपनी में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। आईपीओ का उद्देश्य रिटेल निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ का भागीदार बनाना था।

मुंबई, 21 जुलाई (आईएएनएस)। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की प्रमोटर कंपनी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि लिस्टिंग के बाद एसबीआई की इस कंपनी में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। आईपीओ का उद्देश्य रिटेल निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ का भागीदार बनाना था।

शेट्टी ने देश की आर्थिक राजधानी में लिस्टिंग समारोह के बाद पत्रकारों से कहा, "लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स में हिस्सेदारी घटाने की हमारी कोई योजना नहीं है।"

उन्होंने कहा कि यह लिस्टिंग एसबीआई की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपनी सहायक कंपनियों में दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना चाहता है और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले कारोबारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना चाहता है।

उन्होंने कहा, "हम इस आईपीओ के जरिए खुदरा निवेशकों के लिए अवसर लेकर आना चाहते थे।"

शेट्टी के अनुसार, एसबीआई ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में लगभग 6,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है और बैंक का निरंतर सहयोग कंपनी की वृद्धि तथा सफल लिस्टिंग में महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि सूचीबद्ध कंपनी बनने से पहले ही एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों को अपनाया था। एसबीआई और फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी के लंबे समय से चले आ रहे साझेदारी संबंधों ने कंपनी के गवर्नेंस ढांचे को और मजबूत किया है।

सेटी ने कहा, "गवर्नेंस को एसबीआई और अमुंडी की साझेदारी ने मजबूती दी है।"

लगातार बेहतर रिटर्न के महत्व पर बोलते हुए शेट्टी ने कहा कि कंपनी का दीर्घकालिक मूल्य केवल किसी एक म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। हालांकि, मजबूत फंड प्रदर्शन बनाए रखना एसबीआई फंड्स ब्रांड की प्रमुख प्राथमिकता रहेगा।

भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा कि एसेट मैनेजर अब बी30 शहरों (म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों के आधार पर शीर्ष 30 शहरों से बाहर के शहरों) में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान देगा, ताकि वित्तीय समावेशन को मजबूत किया जा सके और निवेशकों का आधार व्यापक बनाया जा सके।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 613.30 रुपए प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जो इसके 574 रुपए प्रति शेयर के आईपीओ मूल्य से अधिक है।

कंपनी का 9,812.91 करोड़ रुपए का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ), जो 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला था, 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   21 July 2026 1:59 PM IST

Tags

Next Story