'एसआईआर को तुरंत रद्द किया जाए', प्रकाश राज ने लगाया लोकतंत्र खत्म करने की साजिश का आरोप
तिरुवनंतपुरम, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने बुधवार को वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से नागरिकों के वोटिंग अधिकारों को गंभीर खतरा है और यह लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश के बराबर है।
तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए राज ने भारत के चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया और मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लागू करने में शामिल सभी लोगों की कानूनी जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
राज ने आरोप लगाया कि इस बदलाव से देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा लोग वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे नागरिकों के दो वर्ग बन सकते हैं, एक वे जिनके पास वोट देने का अधिकार है और दूसरे वे जिनके पास यह अधिकार नहीं है।
एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद पर एक्टर प्रकाश राज ने कहा कि अब हमें एसआईआर के पीछे की साजिश और एजेंडा समझ आ रहा है। इसके लिए हमें भारत के चुनाव आयोग और देश की चुनावी प्रक्रिया के इतिहास के बारे में थोड़ा जानना होगा। जब भारत आजाद हुआ, तो यह एक नया देश था और संविधान बनाया गया था। अगर आपको याद हो, तो अंग्रेजों ने सुझाव दिया था कि यह एक नया देश है जहां बहुत से लोग गरीब और अशिक्षित हैं और उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या सभी को सरकार चुनने का अधिकार दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया था कि यह अधिकार कुछ उच्च-वर्ग या अच्छी तरह से पढ़े-लिखे लोगों को दिया जाना चाहिए। लेकिन उस समय के नेताओं ने, चाहे वे अंबेडकर हों, नेहरू हों या कोई और, इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह देश हर किसी को अपने प्रतिनिधि चुनने की शक्ति देगा, जो उनके मुद्दों को उठाएंगे, चाहे वे किसान हों, आदिवासी हों, दलित हों या अल्पसंख्यक।
राज ने कहा कि वोट देने का अधिकार उन बुनियादी सिद्धांतों में से एक है जिन पर लोकतांत्रिक भारत की नींव रखी गई थी और आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया उस सिद्धांत को कमजोर कर रही है। उन्होंने लोगों से अपने वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की और कहा कि स्थानीय स्तर पर विरोध के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उन लोगों के साथ जन-अदालतें (पब्लिक ट्रिब्यूनल) आयोजित की जाएंगी जो कथित तौर पर इस संशोधन प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ते विवाद के बीच राज ने दखल दिया है। राजनीतिक पार्टियां और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स वोटर लिस्ट से असली वोटरों के नाम कटने की आशंका को लेकर चिंता जता रहे हैं।
उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और उन कोशिशों का विरोध करने को कहा, जिन्हें उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश बताया।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   7 Oct 2026 11:41 PM IST












