नीट पूरी तरह विफल हो चुका है, इसे खत्म करने का समय आ गया एमके स्टालिन

नीट पूरी तरह विफल हो चुका है, इसे खत्म करने का समय आ गया एमके स्टालिन
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक (डीएमके) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि यह परीक्षा अपने घोषित उद्देश्यों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट को समाप्त करने की मांग दोहराई।

चेन्नई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक (डीएमके) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि यह परीक्षा अपने घोषित उद्देश्यों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट को समाप्त करने की मांग दोहराई।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए स्टालिन ने कहा कि जिस उद्देश्य से नीट लागू की गई थी, वह किसी भी मोर्चे पर सफल नहीं हुई। उनके मुताबिक, इससे न तो छात्रों का शैक्षणिक दबाव कम हुआ, न शिक्षा के व्यावसायीकरण पर रोक लगी और न ही शिक्षा की गुणवत्ता में कोई सुधार आया।

उन्होंने कहा कि नीट ने पढ़ाई का केंद्र स्कूलों से हटाकर निजी कोचिंग संस्थानों की ओर कर दिया है, जिससे मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ा है।

स्टालिन ने कहा कि नीट की समस्याएं केवल प्रक्रिया से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि इसकी पूरी व्यवस्था में ही खामियां हैं। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने तमिलनाडु द्वारा वर्षों से उठाई जा रही चिंताओं को सही साबित किया है।

उन्होंने कहा, "छात्रों का जारी विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है। अब समय आ गया है कि केंद्र राज्यों पर भरोसा करे और नीट को समाप्त करे।"

स्टालिन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उन्होंने एक दिन पहले नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया था। छात्र परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद सुधार और नीट को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने शुरुआत से ही चेतावनी दी थी कि नीट बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और मेडिकल शिक्षा में असमान अवसरों को बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा कि डीएमके ने शुरू से ही नीट का विरोध किया है, क्योंकि यह सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमजोर करता है और ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के साथ अन्याय करता है।

स्टालिन ने कहा कि देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य केवल परीक्षा प्रक्रिया में सुधार नहीं, बल्कि नीट को पूरी तरह समाप्त करना होना चाहिए। उनका कहना था कि केवल प्रक्रियागत बदलावों से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए नीट को समाप्त करना ही स्थायी समाधान है।

तमिलनाडु के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए स्टालिन ने कहा कि सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाने वाला राज्य आज भी नीट को पूरी तरह खत्म करने की मांग पर कायम है। उन्होंने केंद्र सरकार से देशभर के छात्रों की बढ़ती चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल प्रवेश के लिए अधिक न्यायसंगत और समान अवसर सुनिश्चित करने वाली नई व्यवस्था लागू करने की अपील की।

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Created On :   23 July 2026 2:53 PM IST

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