ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' की वजह से भारत ने बरती सावधानी

ट्रंप के अप्रत्याशित व्यवहार की वजह से भारत ने बरती सावधानी
भारत ने इस साल जून में फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान ‘सावधानीपूर्ण रुख’ अपनाया था। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह फैसला ट्रंप के "अप्रत्याशित व्यवहार" को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने इस साल जून में फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान ‘सावधानीपूर्ण रुख’ अपनाया था। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह फैसला ट्रंप के "अप्रत्याशित व्यवहार" को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की सप्ताहांत में एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मामले से परिचित सरकारी अधिकारियों ने कहा कि किसी भी वीवीआईपी यात्रा से पहले नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया से बातचीत की व्यवस्था को लेकर चर्चा सामान्य प्रक्रिया है।

दरअसल, गोर ने कहा था कि भारत ने दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद मीडिया के साथ किसी भी संयुक्त बातचीत से बचने का ‘विशेष अनुरोध’ किया था।

एक अधिकारी ने कहा, "इस संबंध में भारतीय पक्ष ने ऐसी यात्राओं के लिए अपनी मानक प्रक्रिया से अमेरिकी पक्ष को अवगत कराया। जब कोई प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलता है तो उनके अप्रत्याशित व्यवहार को लेकर सतर्क रहता है। दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ उनकी बातचीत में भी ऐसा व्यवहार देखा गया है। यही कारण है कि भारत ने सावधानीपूर्ण रुख अपनाया।"

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 18 जून को एवियान में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की दिशा में ट्रंप के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन स्वतंत्रता और निर्बाध वाणिज्यिक गतिविधियों को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया था। साथ ही, समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित की थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, " दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई अपनी बैठक के बाद से भारत-अमेरिका सीओएमपीएसीटी (कैटेलाइजिंग ऑपर्च्युनिटीज फॉर मिलिट्री पार्टनरशिप, एक्सेलरेटेड कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी) के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।"

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में हुई प्रमुख प्रगति का स्वागत किया।

पीएमओ ने कहा कि दोनों नेताओं ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर विशेष संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी तथा व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।

दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा दोनों देशों और उनके लोगों के पारस्परिक हित में सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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Created On :   24 Aug 2026 5:58 PM IST

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