आंकड़े बताते हैं कि सपा के शासन में मदरसा शिक्षा सबसे ज्यादा खराब हुई दानिश अंसारी
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को बेहतर बनाने की योजना की घोषणा के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने कहा कि अगर इसे लागू किया जाता है तो यह एक अच्छा कदम होगा, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि 2012-2017 के दौरान जब सपा सत्ता में थी, तब ऐसा क्यों नहीं किया गया।
दानिश अंसारी ने आगे कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि सपा के शासनकाल में मदरसा शिक्षा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हुई थी।
अखिलेश यादव ने सोमवार को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले कई वादों की घोषणा की, जिनमें पुरानी पेंशन योजना को लागू करना, शिक्षामित्रों की स्थिति में सुधार करना और मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को रेगुलर टीचरों जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, संस्कृत स्कूलों से जुड़े मुद्दों को हल किया जाएगा और मॉडर्न मदरसों में टीचरों की सैलरी का भुगतान किया जाएगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आएगी और उन पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ मदरसों पर ध्यान देकर मुस्लिम बच्चों को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सभी बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने और उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और प्रोफेसर बनने के काबिल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि अखिलेश चाहते हैं कि मुस्लिम बच्चे सिर्फ इमाम और मौलवी बनें।
कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अगर मदरसों और दूसरे संस्थानों का विकास लोकतंत्र और संविधान को आधार मानकर किया जाता है तो इसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए सबसे पहले मदरसों का नाम लिया।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने पूछा कि सपा ने अपने कार्यकाल के दौरान मदरसों के विकास के लिए काम क्यों नहीं किया।
उन्होंने कहा, "सरकार कागजात से चलती है, बातों से नहीं। न तो आपकी नीतियां अच्छी थीं और न ही राज्य के मुसलमानों के विकास का आपका कोई इरादा था।" उन्होंने आगे कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि 2012-2017 के दौरान मदरसा शिक्षा की हालत सबसे खराब थी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव को वादे करने से पहले सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मदरसों समेत सभी संस्थानों का विकास किया जाना चाहिए ताकि कम सुविधा वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
इससे पहले अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर मदरसों और संस्कृत शिक्षकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और दोहराया कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनी तो पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू की जाएगी।
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Created On :   29 Sept 2026 10:17 PM IST












