अमेरिका का साथ देने वाले देशों को माना जाएगा 'दुश्मन', ईरान की चेतावनी

अमेरिका का साथ देने वाले देशों को माना जाएगा दुश्मन, ईरान की चेतावनी
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष होता है, तो अमेरिका का समर्थन करने वाले किसी भी देश को तेहरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कदम उठाने वाला माना जाएगा।

तेहरान, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष होता है, तो अमेरिका का समर्थन करने वाले किसी भी देश को तेहरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कदम उठाने वाला माना जाएगा।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य फदा हुसैन मलिकी ने रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होती है तो ईरान यह पहचानने में सक्षम होगा कि कौन-कौन से क्षेत्रीय देश अमेरिकी सेना का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में ईरान के फैसले केवल उन देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमले तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन देशों को भी शत्रु देश की श्रेणी में रखा जा सकता है।"

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने पिछले तीन वर्षों में इजराइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए करदाताओं के 11 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

अराघची ने कहा, "अमेरिका ने इजराइल की रक्षा में इजराइल से भी ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी हैं। यह दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग वाला संबंध नहीं है, बल्कि एकतरफा निर्भरता वाला संबंध है।"

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने माना कि इसका राजनीतिक असर आगामी संसदीय चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भुगतना पड़ सकता है।

वॉशिंगटन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनके फैसले को लेकर अमेरिकी जनता की राय बंटी हुई है, लेकिन उनका मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।

ट्रंप ने कहा, "एक तरफ लोग इसका समर्थन करते हैं, क्योंकि मैं वह कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था, लेकिन दूसरी तरफ कुछ लोग इससे सहमत नहीं भी हो सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि इस फैसले की एक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।"

हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह किसी नए सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं, संभावित लक्ष्य क्या हो सकते हैं या ऐसी कार्रवाई कब की जा सकती है।

उन्होंने कहा, "ईरान के साथ युद्ध में हमने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है और हो सकता है कि हम इसे थोड़ा और आगे बढ़ाएं।"

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