तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र का बहस के बाद आज होगा समापन
चेन्नई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को कई अहम सरकारी विभागों के लिए अनुदान की मांगों के अंतिम सेट पर बहस पूरी होने के बाद समाप्त हो जाएगा।
राज्य का 2026-27 वित्त वर्ष का सामान्य बजट 5 अगस्त को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद 6 अगस्त को कृषि बजट प्रस्तुत किया गया।
विधायकों ने 7, 10 और 11 अगस्त को दोनों बजटों पर बहस की। वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने 12 अगस्त को चर्चाओं के जवाब दिए, जिसमें सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई और सत्ताधारी और विपक्षी दलों के सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का उत्तर दिया गया।
अनुदान की मांगों पर विभागवार बहस 17 अगस्त को शुरू हुई। इन कार्यवाही के दौरान मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया, विधायकों के प्रश्नों के उत्तर दिए और नई परियोजनाओं और प्रशासनिक उपायों की घोषणा की।
सोमवार को विधानसभा ने पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभागों से संबंधित अनुदानों की मांगों पर विचार किया।
मुख्यमंत्री विजय ने चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और टिप्पणियों का उत्तर दिया। उनके संबोधन के दौरान तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर उनकी पार्टी द्वारा प्राप्त धनराशि से जुड़े मुद्दों को लेकर आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री विजय की तीखी टिप्पणियों ने तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं और सदन में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया।
अंतिम दिन के कार्यसूची में परिवहन, लोक निर्माण, वित्त, योजना एवं विकास, राज्य विधानमंडल, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ विभागों से संबंधित अनुदानों की मांगों पर बहस शामिल है।
इन विभागों के प्रभारी मंत्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे बहस का जवाब दें, विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान करें और विभागीय परियोजनाओं और कल्याणकारी पहलों से संबंधित नई घोषणाएं करें। सरकार द्वारा प्रस्तावित व्यय और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन कार्यक्रम का विवरण भी प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
अनुदान संबंधी चर्चाएं मंगलवार दोपहर तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद सदन अन्य सूचीबद्ध कार्यों पर विचार करेगा, जिसमें लंबित उपायों पर विचार करना और उन्हें पारित करना शामिल है, जिसके बाद सत्र को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया जाएगा।
राज्य की वित्तीय योजनाओं की प्रस्तुति के साथ शुरू हुए बजट सत्र में विभागीय आवंटन, शासन, कल्याणकारी कार्यक्रम, अवसंरचना विकास और कानून व्यवस्था पर विस्तृत बहस हुई है।
इसके अलावा, सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर तीखी बहस भी देखने को मिली है।
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Created On :   8 Sept 2026 9:34 AM IST












