टाटा स्टील 40 एमटीपीए क्षमता के लक्ष्य की ओर अग्रसर, अगले विस्तार चरण की तैयारी शुरू एन. चंद्रशेखरन

टाटा स्टील 40 एमटीपीए क्षमता के लक्ष्य की ओर अग्रसर, अगले विस्तार चरण की तैयारी शुरू एन. चंद्रशेखरन
टाटा स्टील ने अपनी दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में अगला विस्तार चरण शुरू करने की तैयारी कर दी है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गुरुवार को कंपनी की 119वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। टाटा स्टील ने अपनी दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में अगला विस्तार चरण शुरू करने की तैयारी कर दी है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गुरुवार को कंपनी की 119वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

चंद्रशेखरन ने कहा कि कलिंगनगर संयंत्र के दूसरे चरण (फेज II) के चालू होने के बाद टाटा स्टील की कुल इस्पात (स्टील) उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 एमटीपीए हो गई है।

उन्होंने कहा कि यह विस्तार कंपनी के 40 एमटीपीए उत्पादन क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस लक्ष्य के आगे की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने नए संयंत्रों के लिए संभावित स्थानों और भूमि अधिग्रहण के विकल्पों का भी मूल्यांकन शुरू कर दिया है।

यूरोप में कंपनी के कारोबार को लेकर चंद्रशेखरन ने कहा कि वहां पुनर्गठन की प्रक्रिया सकारात्मक परिणाम दे रही है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नीदरलैंड में परिचालन का माहौल पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि वहां पर्यावरण संबंधी नियम अब यूरोपीय संघ (ईयू) के मानकों से भी अधिक कड़े हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, "कंपनी डच सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि ऐसा दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सके जो पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी व्यवहारिक और टिकाऊ हो।"

चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा स्टील अपने डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के तहत अब तक 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मॉडल अपने विभिन्न परिचालनों में लागू कर चुकी है, जिनका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और लागत को कम करना है।

उन्होंने कहा कि कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिगईसीए ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिलकर 9,360 करोड़ रुपए का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है।

चंद्रशेखरन ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में टाटा स्टील का लक्ष्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि तकनीक, परिचालन उत्कृष्टता और सतत निवेश के माध्यम से खुद को एक बड़ी, हरित (ग्रीन), स्मार्ट और अधिक मजबूत कंपनी के रूप में स्थापित करना भी है।

इस बीच, गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे एनएसई पर टाटा स्टील के शेयर 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 186.49 रुपए के आसपास कारोबार करते नजर आए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है, हालांकि पिछले 6 महीने में स्टॉक 2 प्रतिशत और पिछले 1 साल में 12 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।

वहीं, शेयरों का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 224.40 रुपए और निम्नतम स्तर 152.51 रुपए है।

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Created On :   2 July 2026 2:34 PM IST

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