तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने विभागों से लक्ष्य हासिल करने के लिए राजस्व जुटाने पर ध्यान देने को कहा
हैदराबाद, 1 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के बजट के अनुसार लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राजस्व जुटाने पर ध्यान दें।
उन्होंने निर्देश दिया कि कमर्शियल टैक्स, आबकारी, माइनिंग और दूसरे विभागों से जुड़े रेवेन्यू के नुकसान को पूरी तरह रोका जाए।
उन्होंने कहा कि रेवेन्यू जुटाने के लिए एक 'चेजिंग सेल' बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने एमसीआर एचआरडी में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में राज्य सरकार के रेवेन्यू जुटाने के काम की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को रेवेन्यू बढ़ाने के लिए कई अहम निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) और तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (टीजीआईआईसी) से रेवेन्यू जुटाने पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि रेवेन्यू बढ़ाने और फंड जुटाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद के मुताबिक काम करने के लिए विभागों को अपनी क्षमता और बेहतर करनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि पेंडिंग प्रोजेक्ट्स और दूसरे कामों के हिसाब से विभाग-वार बजट तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में ज़मीन अधिग्रहण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने साफ किया कि सरकार का प्रस्तावित बजट काल्पनिक नहीं होना चाहिए और बजट असलियत के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संबंधित विभागों को हर तरह की जरूरी मदद देने के लिए तैयार है।
एक दूसरी मीटिंग में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूरे हैदराबाद में ट्रैफिक सिग्नलों को आपस में जोड़ने (इंटीग्रेशन) का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बिना किसी परेशानी के ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए सिग्नलों को असरदार ढंग से चलाने के लिए टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान ट्रैफिक के बहाव को कंट्रोल करने के लिए सिस्टम को एआई से जोड़ने पर जोर दिया।
दोनों कंपनियों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री को हैदराबाद ट्रैफिक पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी और बताया कि शहरी इलाकों की चुनौतियों के तुरंत समाधान के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।
उन्होंने 'नेक्स्ट जेनरेशन इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर' और 'फिजिकल इंटेलिजेंस' पर आधारित समाधानों के लिए अपना विजन भी बताया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि कैसे फिजिकल इंटेलिजेंस, सेंसर और रोबोटिक्स सुरक्षित, कुशल और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने में मदद कर सकते हैं।
मीटिंग में 'कॉग्निटिव सिटीज' बनाने की संभावनाओं पर भी बात हुई। ये ऐसे शहरी माहौल होंगे जो रियल-टाइम भीड़ के आधार पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को एडजस्ट करने, पानी के लीकेज का पहले ही पता लगाने और उसे ठीक करने, मांग के अनुसार बिजली सप्लाई को मैनेज करने और इमरजेंसी के समय एम्बुलेंस और फायर टेंडर के लिए रास्ता खाली करने जैसे काम कर सकेंगे।
दोनों संगठनों ने तेजी से बढ़ रहे शहरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर जोर दिया, जिससे सरकारी कामकाज की कुशलता बढ़ेगी, नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और डेटा-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में आसानी होगी।
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Created On :   1 July 2026 11:43 PM IST











