तेलंगाना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुर्रमगुडा क्षेत्र को मिला आरक्षित वन का दर्जा, आदेश जारी

तेलंगाना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुर्रमगुडा क्षेत्र को मिला आरक्षित वन का दर्जा, आदेश जारी
तेलंगाना सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रंगारेड्डी जिले के अमंगल डिवीजन में स्थित गुर्रमगुडा वन क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी।

हैदराबाद, 13 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रंगारेड्डी जिले के अमंगल डिवीजन में स्थित गुर्रमगुडा वन क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने तेलंगाना वन अधिनियम, 1967 की धारा 15 के तहत 424 एकड़ और 31 गुंटा वन भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए सरकारी आदेश (जीओ) जारी किया है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. सी. सुवर्णा के मुताबिक, पर्यावरण, वन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से 9 मार्च 2026 को जीओ एमएस संख्या-7 जारी किया गया। इस अधिसूचना के साथ भूमि से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई और इस क्षेत्र को आधिकारिक रूप से आरक्षित वन का दर्जा मिल गया, जिससे इसे मजबूत कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साहेबनगर कलां गांव के सर्वे नंबर 201/1 में स्थित 102 एकड़ भूमि लंबे समय से कानूनी विवाद में थी। यह मामला कई वर्षों तक विभिन्न अदालतों में विचाराधीन रहा। अंततः सर्वोच्च न्यायालय ने वन विभाग के दावे को सही ठहराते हुए वन भूमि को अतिक्रमण और अनधिकृत दावों से बचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस मामले को व्यापक रूप से ‘साहेबनगर कलां केस’ के नाम से जाना जाता है।

दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने साहेबनगर कलां में स्थित 102 एकड़ भूमि को गुर्रमगुडा आरक्षित वन ब्लॉक का हिस्सा माना और इसे निजी भूमि का दर्जा देने से इनकार कर दिया।

इससे पहले वन विभाग को निचली अदालतों और तेलंगाना उच्च न्यायालय में हार का सामना करना पड़ा था। अधिकारियों के अनुसार, सलार जंग तृतीय मीर यूसुफ अली खान के कानूनी वारिस होने का दावा करने वाले कुछ लोगों ने इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि इस फैसले से भूमि पर सरकार के अधिकार और मजबूत हुए हैं।

राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को एक बड़े शहरी वन पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। हैदराबाद में तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह पार्क शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र साबित हो सकता है।

इसे ऐसे स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा जहां लोग प्रकृति का आनंद ले सकें, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ा सकें और अपने परिवार के साथ समय बिता सकें।

बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना सरकार वन भूमि की रक्षा और अतिक्रमण रोकने को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही हैदराबाद के आसपास शहरी वन पार्कों और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गुर्रमगुडा वन क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Created On :   13 March 2026 7:36 PM IST

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