सूखे जैसे हालात के बीच तेलंगाना सरकार की किसानों से दूसरी फसल न बोने की अपील

सूखे जैसे हालात के बीच तेलंगाना सरकार की किसानों से दूसरी फसल न बोने की अपील
तेलंगाना में एल नीनो के गंभीर प्रभाव और सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार के कृषि सलाहकार और विधायक पी. सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को किसानों से दूसरी फसल की खेती नहीं करने की अपील की।

हैदराबाद, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना में एल नीनो के गंभीर प्रभाव और सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार के कृषि सलाहकार और विधायक पी. सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को किसानों से दूसरी फसल की खेती नहीं करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि राज्य में पीने के पानी की कमी हो रही है और बिजली की उपलब्धता भी सीमित है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने किसानों को यासंगी (रबी) फसल की खेती नहीं करने की सलाह दी।

पी. सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि राज्य के प्रमुख जलाशयों, झीलों और तालाबों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है। इसके साथ ही भूजल स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के अधिकारी सिंचाई के पानी और बिजली आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। राज्यभर की मौजूदा परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि निजामाबाद जिले, विशेष रूप से सिंगूर परियोजना क्षेत्र में उपलब्ध पानी को मुख्य रूप से पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। निजामसागर और श्रीराम सागर परियोजनाओं में बिजली उत्पादन कम होने के कारण किसानों और आम लोगों से बिजली का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा पानी बचाने की अपील की गई है।

सरकारी सलाहकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीने के पानी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रहे और पानी की बर्बादी रोकी जाए। सिंगूर परियोजना में दिसंबर 2026 तक पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद है। इसके बाद की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुदर्शन रेड्डी ने किसानों और आम लोगों से किसी भी परिस्थिति में पानी बर्बाद न करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पानी के अनावश्यक उपयोग को रोकने और उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने होंगे।

उन्होंने चिंता जताई कि यदि पर्याप्त पानी उपलब्ध हुए बिना किसान दूसरी फसल की खेती करते हैं, तो एल नीनो की गंभीर स्थिति से संकट और बढ़ सकता है। इसी कारण उन्होंने किसानों से इस मौसम में यासंगी (रबी) फसल की बुवाई नहीं करने का अनुरोध किया।

सरकारी सलाहकार ने सिंचाई, कृषि और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ एमपीडीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर गांव में ग्राम पंचायतों के माध्यम से विशेष समितियां गठित करें। ये समितियां किसानों और आम लोगों को पानी तथा बिजली बचाने के प्रति जागरूक करेंगी।

सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि परियोजनाओं में पानी की कमी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और राज्य फिलहाल बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा पर निर्भर है। उन्होंने किसानों और आम जनता से सरकार तथा संबंधित विभागों के साथ सहयोग करने की अपील की, ताकि इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   11 Oct 2026 11:32 PM IST

Tags

Next Story