'चिंतन शिविर में तेलंगाना का कल्याणकारी मॉडल एक मिसाल बनकर उभरा' वेलफेयर मिनिस्टर
हैदराबाद, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। वेलफेयर मिनिस्टर अदलुरी लक्ष्मण कुमार ने रविवार को कहा कि तेलंगाना के व्यापक और दूरदर्शी कल्याणकारी मॉडल ने चिंतन शिविर-2026 में अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल कायम की है। वे रविवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर-2026 में बोल रहे थे।
इस सम्मेलन में देश भर के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), पिछड़ा वर्ग (बीसी), दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के समग्र विकास सहित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए।
मंत्री लक्ष्मण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना राज्य समानता, सशक्तिकरण और गरिमा पर आधारित शासन मॉडल अपना रहा है।
मंत्री ने सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता और गति लाने के लिए डिजिटल शासन उपकरणों को व्यापक रूप से अपनाने की वकालत की।
चिंतन शिविर को नीतिगत अभिसरण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक मूल्यवान मंच बताते हुए मंत्री ने कहा कि तेलंगाना राज्य कल्याण को व्यय के रूप में नहीं, बल्कि मानव विकास में दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखता है।
उन्होंने राज्य की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि प्रत्येक नागरिक गरिमापूर्ण जीवन जिए, प्रत्येक युवा को अवसर मिले और प्रत्येक परिवार आत्मविश्वास के साथ प्रगति करे।
यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण विभाग का नाम बदलकर अनुसूचित जाति विकास विभाग करना दलितों की उन्नति पर राज्य के केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का एक प्रमुख कारक बताते हुए लक्ष्मण कुमार ने कहा कि राज्य ने पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पर 574.74 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिससे 33 लाख छात्रों को लाभ हुआ है, और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति पर 66.31 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिससे 73,666 छात्रों को लाभ मिला है।
डॉ. बीआर अंबेडकर विदेश शिक्षा कोष के तहत, विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 564 छात्रों की सहायता के लिए 103.49 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जनजाति अध्ययन मंडलों में 24.53 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिससे 2,426 उम्मीदवारों को सिविल सेवा सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्राप्त करने में मदद मिली है।
सरकार ने अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के लिए 628.42 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जिससे 2.26 लाख छात्रों को मुफ्त आवास, भोजन और संबंधित सुविधाएं प्राप्त हुई हैं।
कल्याण लक्ष्मी योजना के तहत, 47,539 लाभार्थियों को 476.15 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे विवाह संबंधी खर्चों का बोझ कम हुआ है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए 1,723 अंतरजातीय दंपतियों को 43.06 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना ने दिसंबर 2023 से एससी उप योजना (एससीएसडीएफ अधिनियम) के तहत 31,763.63 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जबकि 2025-26 के लिए बजट में 40,231.62 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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Created On :   26 April 2026 6:57 PM IST












