ट्रंप सरकार का बजट प्लान अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारी कटौती, राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता
वाशिंगटन, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन आगामी बजट में अमेरिकी कूटनीति और विदेशी सहायता में बड़े बदलाव करेगा। व्हाइट हाउस के आधिकारिक दस्तावेज से जानकारी सामने आई है कि इस संबंध में प्रस्तावित वित्त वर्ष 2027 के बजट में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारी कटौती और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा व राष्ट्रीय हितों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है।
बजट में विदेश विभाग और अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए 35.6 अरब डॉलर की मांग की गई है जो 2026 के स्वीकृत स्तर से 30 प्रतिशत कम है। यह अमेरिकी वैश्विक सहायता में बड़ी कटौती का संकेत है।
व्हाइट हाउस के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य विदेशी सहायता देने के तरीके में बदलाव कर धोखाधड़ी और दुरुपयोग को खत्म करना व यह सुनिश्चित करना है कि करदाताओं का हर डॉलर अमेरिकियों को अधिक सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध बनाए।
इस प्रस्ताव के मूल में 5 अरब डॉलर का एक नया 'अमेरिका फर्स्ट अपॉर्चुनिटी फंड' है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध प्रवासन को रोकना, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना और विरोधी ताकतों के विस्तार को रोकना है।
महत्वपूर्ण खनिजों पर दिया गया यह जोर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। बजट में लगभग 13 अरब डॉलर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को फिर से मजबूत और सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें पिछली सरकारों ने अमेरिका के विरोधियों को सौंप दिया था।
दस्तावेज में प्रमुख सहयोगियों के साथ लक्षित साझेदारी का भी उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि यह फंड उन देशों को सहायता देगा "जो अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं," जिनमें जॉर्डन और फिलीपींस शामिल हैं।
एक बड़े बदलाव के तहत बजट में पारंपरिक मानवीय और विकास सहायता में कटौती की गई है। मानवीय कार्यक्रमों के लिए फंडिंग में 2 अरब डॉलर की कटौती की गई है और इन संसाधनों को उन प्रयासों की ओर मोड़ दिया गया है जो अवैध प्रवासन को कम करते हैं और अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के साथ अधिक सीधे तौर पर जुड़े हैं।
लंबे समय से चले आ रहे 'फूड फॉर पीस' कार्यक्रम को खत्म करने का प्रस्ताव है। प्रशासन का तर्क है कि यह कार्यक्रम अक्षम और धीमा है। उसने बताया कि सहायता सामग्री को अपने गंतव्य तक पहुंचने में औसतन 4-6 महीने लग जाते हैं।
इस प्रस्ताव में वैश्विक स्वास्थ्य फंडिंग की संरचना में भी बदलाव किया गया है। एक नई 'अमेरिका फर्स्ट ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजी' के तहत 5.1 अरब डॉलर आवंटित किए गए हैं। इसका उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों को कम करना और सहायता प्राप्त करने वाले देशों को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना है।
बजट में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भी भारी कटौती का प्रस्ताव है। इसमें संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों के लिए फंडिंग में कमी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दी जाने वाली सहायता को पूरी तरह खत्म करना शामिल है।
इसमें तर्क दिया गया है कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना बजट का लगभग 27 प्रतिशत भुगतान किया है, जिसे अमेरिका के उचित हिस्से से कहीं अधिक बताया गया है। इस योजना का मकसद 'नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी' की फंडिंग को खत्म करना भी है। इसे बिना नियंत्रण और पक्षपाती संगठन बताया गया है।
व्हाइट हाउस ने अपने बजट में सुरक्षा से जुड़े सहायता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण और कानून प्रवर्तन के लिए 1.2 अरब डॉलर का प्रावधान शामिल है, ताकि अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटा जा सके और वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग मजबूत किया जा सके।
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Created On :   4 April 2026 8:07 AM IST












