रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
जयपुर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने एनएसयूआई नेता रितु बराला पर हुए हमले के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अदालत जाने की बात कही।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में अपना तीन दिवसीय धरना समाप्त करने के बाद यह घोषणा की। वे इस महीने की शुरुआत में छात्र नेता रितु बराला के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट के मामले में पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
कांग्रेस नेता इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने की कोशिशों के बावजूद पुलिस ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की।
डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस नेता तीन दिन पहले रितु बराला मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास गए थे। उस समय स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) ने कहा था कि शिकायत दर्ज करने का फैसला पुलिस कमिश्नर लेंगे। बाद में जब उन्होंने कमिश्नर से संपर्क किया, तो उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया।
जब उनसे पूछा गया कि जब कानून में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया मौजूद है, तो तीन दिन तक धरना देने की क्या जरूरत थी तो डोटासरा ने कहा कि पुलिस ने अब लिखित जवाब दिया है कि किसी शिकायत के आधार पर देश में कहीं भी 'जीरो एफआईआर' दर्ज नहीं की जा सकती।
उन्होंने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि इसी कानून के तहत केरल में एक 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई थी। उन्होंने सवाल किया, "अगर केरल में 'जीरो एफआईआर' दर्ज हो सकती है, तो राजस्थान में क्यों नहीं?"
डोटासरा ने आरोप लगाया कि पुलिस दिल्ली के दबाव में काम कर रही है और कानून की गलत व्याख्या कर रही है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस रितु बराला को न्याय दिलाने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि अदालत यह तय करेगी कि जो प्रावधान केरल में लागू है, उसे राजस्थान में क्यों नहीं लागू किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कहा कि पार्टी ने इस मामले में अदालत की मदद लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न केवल मारपीट और दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर, बल्कि राजस्थान पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने उचित कदम नहीं उठाए।
टीकाराम जूली ने पुलिस अधिकारियों पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने और कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने चल रहे पंचायत चुनावों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा पंचायत चुनावों में हेरफेर करने की उम्मीद कर रही थी, ठीक वैसे ही जैसे उसने कथित तौर पर नगर निकाय चुनावों के दौरान किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान, डोटासरा सीढ़ियों पर फिसलकर गिर गए, जिससे उनके पैर में चोट आ गई।
इस घटना के बाद उनकी जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम बुलाई गई। टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि इस घटना से कमिश्नरेट परिसर के भीतर पुलिस के कठोर रवैये और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बरती गई लापरवाही का पता चलता है। उन्होंने परिसर में वॉशरूम पर ताला लगाए जाने को लेकर भी चिंता जताई।
तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस मामले को अदालत के जरिए आगे बढ़ाएंगे।
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Created On :   21 Oct 2026 7:09 PM IST












