रोहित पवार का दावा: स्नातक और शिक्षक चुनावों में महायुति की हार तय, गुंडागर्दी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

स्नातक और शिक्षक चुनावों में महायुति की हार तय, गुंडागर्दी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
  • मुख्यमंत्री पर चुनावी गतिविधियों में व्यस्त रहने का आरोप
  • किसानों और मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान देने की नसीहत
  • गृह विभाग की जिम्मेदारी सक्षम नेता को सौंपने की मांग

डिजिटल डेस्क, नांदेड़। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य में बढ़ती गुंडागर्दी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर महायुति सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है और उन्हें सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है। मुख्यमंत्री राजनीतिक गतिविधियों और चुनावों में व्यस्त हैं, जबकि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पवार ने गृह विभाग की जिम्मेदारी किसी सक्षम नेता को सौंपने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि आगामी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में महायुति के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ेगा।

गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने लॉरेंस बिश्नोई प्रकरण और सांसद संजय राऊत के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और राज्य के कई शहरों में अपराधी बेखौफ होकर गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अपराधियों को सरकार का डर नहीं है, तो उनके पीछे किसका समर्थन है? पवार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी विरोधियों पर चुनाव प्रचार के दौरान गुंडों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गृह विभाग को प्रभावी तरीके से काम करना चाहिए। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

स्नातक और शिक्षक चुनावों में महायुति को चुनौती

मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार को लेकर चल रही चर्चाओं पर पवार ने कहा कि इस संबंध में शाम तक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। उम्मीदवार के पीछे हटने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं और सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे के साथ लगातार बातचीत कर रही हैं। उन्होंने कोल्हापुर के गोकुल चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में भी जनता महायुति को नकार देगी।

मनोज जरांगे पाटील द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर लगाए गए 500 करोड़ रुपये के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा कि किसने किसे पैसे दिए, इससे अधिक महत्वपूर्ण किसानों और मजदूरों की समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि सूखे, शिक्षा, दुष्कर्म की घटनाओं और आम लोगों की परेशानियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

महंगाई और किसानों की सहायता पर उठाए सवाल

रामदास कदम की जरांगे पाटील पर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए पवार ने आरोप लगाया कि विवादित बयानों के कारण जनता के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री की पसंद का जिक्र किया और चॉकलेट की कीमतों की तुलना किसानों को मिलने वाली सहायता से की।पवार ने कहा कि यदि 250 ग्राम चॉकलेट की कीमत 2,000 रुपये है और मुख्यमंत्री एक बार में 4 पैकेट पर 8,000 रुपये खर्च कर सकते हैं, तो किसानों को सहायता के रूप में केवल 5,000 रुपये मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूछा कि इतनी कम सहायता में सामान्य परिवार अपनी दिवाली कैसे मनाएगा। उन्होंने सरकार से किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

Created On :   21 Oct 2026 8:06 PM IST

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