अवैध रेत उत्खनन: बड़ी कार्रवाई में 44.66 लाख रुपए का माल जब्त, दो मजदूरों को हिरासत में लिया, छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

बड़ी कार्रवाई में 44.66 लाख रुपए का माल जब्त, दो मजदूरों को हिरासत में लिया, छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
  • गोदावरी नदी में नाव, इंजन और पाइप समेत 10 ब्रास रेत जब्त
  • 44.66 लाख रुपए का माल जब्त
  • दो मजदूरों को हिरासत में लिया

डिजिटल डेस्क, नांदेड़. ग्रामीण पुलिस ने राजस्व विभाग के सहयोग से वाहेगांव और मार्कंड परिसर स्थित गोदावरी नदी पात्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान करीब 44 लाख 66 हजार रुपए मूल्य के उपकरण और सामग्री जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दी गई। मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दो मजदूरों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

22 सितंबर को नांदेड़ ग्रामीण पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक ओमकांत चिंचोलकर के आदेश पर अपराध शोध दल गश्त पर था। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सिद्धू बालीसिंह महाराज नामक व्यक्ति अपने मजदूरों की मदद से मार्कंड और वाहेगांव की सीमा में गोदावरी नदी पात्र से नाव, तराफे और इंजन की सहायता से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत निकाल रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने दो पंचों को साथ लेकर तड़के नदी पात्र में अचानक छापेमारी की। पुलिस की दबिश देखते ही रेत उत्खनन में जुटे मजदूर नदी में छलांग लगाकर तैरते हुए दूसरे किनारे की ओर भागने लगे। पुलिस ने मौके से दो मजदूरों को हिरासत में ले लिया।

इस मामले में नामजद आरोपी सिद्धू बालीसिंह महाराज फरार है। वहीं महेश कुमार सनब शिवनाथ (30), निवासी रामपुर, तहसील चुनार, जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश तथा राम मनोजकुमार पिता पप्पू गुंड (22), निवासी उभा, तहसील घोरावल, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश समेत तीन अज्ञात मजदूर पानी में कूदकर फरार हो गए।

कार्रवाई के दौरान कुल 44 लाख 66 हजार रुपए का माल जब्त किया गया। जब्त नाव, तराफे, इंजन, पाइप और प्लास्टिक ड्रमों को गैस कटर की मदद से काटकर मौके पर ही पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। वहीं, नदी किनारे जमा की गई 10 ब्रास रेत का पंचनामा कर उसे सरकारी कब्जे में ले लिया गया।

बिना सरकारी अनुमति के अवैध रूप से रेत उत्खनन और चोरी करने के आरोप में नांदेड़ ग्रामीण पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 3(5), महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता की धारा 48(7), 48(8), पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम की धारा 9, 15 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Created On :   23 Sept 2026 7:35 PM IST

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