Nanded,Hingoli,Parbhani News: महाराष्ट्र में आधी रात को कांपी धरती, 1 घंटे 46 मिनट में आए 4 भूकंप; दहशत में घरों से भागे लोग

महाराष्ट्र में आधी रात को कांपी धरती, 1 घंटे 46 मिनट में आए 4 भूकंप; दहशत में घरों से भागे लोग
  • नांदेड, हिंगोली में कुदरत का खौफ
  • हिंगोली में 4.6 तीव्रता का भूकंप
  • लातूर जिले में प्रशासन की लगातार स्थिति पर नजर

Nanded,Hingoli,Parbhani News महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में गुरुवार तड़के कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहां महज दो घंटे के भीतर एक के बाद एक लगातार चार भूकंप के झटके महसूस किए गए। आधी रात के बाद जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धरती डोलने लगी। इस सिलसिलेवार भूकंप से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। झटके इतने तेज थे कि हिंगोली के औंढा नागनाथ, कलमनुरी और वसमत ब्लॉक के साथ-साथ पड़ोसी परभणी और नांदेड़ जिलों के भी कई इलाके हिल गए।

​तड़के 1:37 बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला सुबह 3:23 बजे तक चला। इस दौरान रिक्टर स्केल पर क्रमश: 4.6, 3.6, 3.9 और 4.1 तीव्रता के चार झटके दर्ज किए गए। अचानक खिड़की-दरवाजे खड़खड़ाने और घरेलू सामान हिलने से लोग घबराकर बिस्तर से उठ गए और जान बचाने के लिए खुले आसमान के नीचे भाग खड़े हुए। वैसे तो हिंगोली में पिछले 6 सालों में 37 से ज्यादा हल्के झटके आ चुके हैं, लेकिन एक ही रात में इतनी कम अवधि में 4 झटके आना बेहद असामान्य माना जा रहा है।

​कब और कितने बजे डोली धरती: आधी रात 01:37 बजे (पहला झटका - सबसे तेज): रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। इसका केंद्र वसमत ब्लॉक का पांगरा शिंदे इलाका था, जो जमीन से 10 किमी नीचे था।

​तड़के 02:15 बजे (दूसरा झटका): करीब 38 मिनट बाद 3.6 तीव्रता का दूसरा झटका लगा। इसका केंद्र काकड़धाबा गांव के पास था।

​तड़के 02:17 बजे (तीसरा झटका): दूसरे झटके के ठीक दो मिनट बाद फिर धरती कांपी। इस बार तीव्रता 3.9 रही।

​सुबह 03:23 बजे (चौथा झटका): लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि 4.1 तीव्रता का आखिरी झटका लगा। इसका केंद्र भी काकड़धाबा ही था।

​परभणी और नांदेड़ भी हिले; प्रशासन बोला- नुकसान नहीं, अफवाहों से बचें

​इस भूकंप का असर हिंगोली के अलावा परभणी और नांदेड़ जिलों में भी देखा गया। घबराए नागरिकों ने तुरंत जिला प्रशासन को फोन कर इसकी जानकारी दी। परभणी जिला प्रशासन के मुताबिक, राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं।

​कलेक्टर संजयसिंह चव्हाण की अपील: "नागरिक घबराएं नहीं और शांत रहें। सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अनधिकृत या फर्जी खबर (अफवाहों) पर भरोसा न करें। यदि किसी इमारत में दरारें या नुकसान दिखे, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचित करें।"

​6 साल में 37 बार कांपी जमीन; एक्सपर्ट बोले- 'स्टडी जरूरी'

​एमजीएम साइंस सेंटर के डायरेक्टर श्रीनिवास औंधकर ने बताया कि ९ जुलाई की सुबह दर्ज हुए ये चारों झटके बेहद संवेदनशील हैं और हमारी टीम भूगर्भीय हलचलों पर पैनी नजर रख रही है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 सालों में औंढा नागनाथ, कलमनुरी और वसमत के इलाकों में 37 से ज्यादा बार भूकंप आ चुका है। बार-बार आ रहे इन झटकों के बाद अब वैज्ञानिक स्तर पर इस क्षेत्र की गहराई से जांच करने की मांग उठने लगी है।


Created On :   9 July 2026 11:29 AM IST

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