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Nanded News: राष्ट्रीय राजमार्ग 361 पर पुल की रिटेनिंग वॉल ढही, बड़ा हादसा टला; टोल वसूली पर भी उठे सवाल
Nanded News नांदेड़-लातूर राष्ट्रीय राजमार्ग 361 पर श्री गुरु गोविंद सिंह इंजीनियरिंग कॉलेज, विष्णुपुरी के सामने बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। निर्माणाधीन/नवनिर्मित ओवरब्रिज की रिटेनिंग वॉल (सहायक दीवार) का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। दीवार गिरने से भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा मुख्य सड़क पर फैल गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
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मौके पर पहुंची पुलिस, मार्ग किया बंद
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर मार्ग पर यातायात रोक दिया गया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। पुल के ऊपरी हिस्से की भी तकनीकी जांच की जा रही है, क्योंकि उसकी मजबूती को लेकर आशंका जताई जा रही है। प्रशासन मलबा हटाकर यातायात सामान्य करने में जुटा है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुल का निर्माण निर्धारित मानकों और स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप नहीं किया गया। साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से रिटेनिंग वॉल की नींव कमजोर हुई और दीवार ढह गई। लोगों का कहना है कि हाईवे पर कई स्थानों पर फुटपाथ, नालियां और अन्य बुनियादी सुविधाओं का कार्य भी अधूरा पड़ा है।
अधूरा प्रोजेक्ट, फिर भी टोल वसूली
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब पांच किलोमीटर हिस्सा अभी भी अधूरा है, लेकिन टोल की वसूली लगातार जारी है। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन महेश पाटिल ने कहा कि अधूरे हिस्से पर टोल नहीं लिया जा रहा है, बल्कि केवल पूर्ण हो चुके हिस्से पर ही टोल लागू है। हालांकि, लोगों का कहना है कि जब तक पूरी परियोजना सुरक्षित और पूरी तरह तैयार नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली उचित नहीं है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुख्य महानगर प्रमुख प्रकाश मारावार ने घटना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण में लापरवाही या अनियमितता साबित होती है तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियरों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभागीय आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
'रास्ता रोको' आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर 'रास्ता रोको' आंदोलन किया जाएगा। पुल की रिटेनिंग वॉल ढहने की इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे प्रोजेक्ट का तकनीकी ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Created On :   9 July 2026 1:31 PM IST












