हमें टूटा हुआ बताकर खुद सहयोग‍ियों से लगा रहे मदद की गुहार, गलत आकलन के हैं शिकार गरीबाबादी

हमें टूटा हुआ बताकर खुद सहयोग‍ियों से लगा रहे मदद की गुहार, गलत आकलन के हैं शिकार गरीबाबादी
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपविदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका पर न‍िशाना साधते हुए गलत आकलन करने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा क‍ि वो हमें टूटा हुआ बताते हैं और खुद सहयोग‍ियों से मदद की गुहार लगाते हैं।

नई द‍िल्‍ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपविदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका पर न‍िशाना साधते हुए गलत आकलन करने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा क‍ि वो हमें टूटा हुआ बताते हैं और खुद सहयोग‍ियों से मदद की गुहार लगाते हैं।

गरीबाबादी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''वे कहते हैं कि ईरान टूटने के कगार पर है और किसी तरह टिके रहने की कोशिश कर रहा है, फिर भी वे अपने सभी सहयोगियों से मदद की गुहार लगाते हैं। समस्या उनके गलत आकलनों में है। हर बार जब वे उन गलतियों को छिपाने की कोशिश करते हैं तो खुद के लिए उससे भी बड़ी नाकामी पैदा कर लेते हैं।''

उन्‍होंने कहा क‍ि सैन्य युद्ध से उन्हें कोई नतीजा नहीं मिला, इसलिए अब उन्होंने अपनी अगली नाकामी का नाम 'आर्थिक युद्ध' रख दिया है।

इससे पहले भी गरीबाबादी ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना बंद कर दिया है। वाशिंगटन ने समझौते के तहत अपने वादों को तोड़ा है।

सरकारी आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को असल में तोड़ा है या रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब अपना बचाव करने पर ध्यान दे रहा है और बातचीत की कोई खबर नहीं है।

उन्होंने कहा क‍ि अभी हमारे सामने देश का मजबूती से बचाव करने की चुनौती है। इस बार भी अमेरिकियों को पहले ही जवाब मिल चुका है कि इन आक्रामक कार्रवाइयों से कुछ नहीं होगा। अगर वे समझदार हैं, तो उन्हें दूसरे तरीके चुनने चाहिए।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'इकोनॉमिक डी डे' प्रतिबंध उन पर ही भारी पड़ेगा। ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के खिलाफ इकोनॉमिक डी डे का ऐलान किया था, जिसका खामियाजा कथित तौर पर ईरान के मददगारों या साझेदारों को भी भुगतना पड़ेगा।

ट्रंप के प्रतिबंध अभियान को सिरे खारिज करते हुए दावा किया कि तथाकथित 'इकोनॉमिक डी-डे' अमेरिका के घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

अराघची ने एक्स पोस्ट में लिखा, "यह कदम वाशिंगटन के बेहिसाब कर्ज और बढ़ते ब्याज खर्च से ध्यान हटाने के लिए उठाया गया है।" उन्होंने आगे लिखा, "विफल नीतियों पर अड़े रहने से केवल और हार ही मिलेगी।"

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Created On :   20 Aug 2026 5:20 PM IST

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