भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, घरेलू मांग के कारण जीडीपी वृद्धि दर करीब 7.8 प्रतिशत एनएसई

भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, घरेलू मांग के कारण जीडीपी वृद्धि दर करीब 7.8 प्रतिशत  एनएसई
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की विकास की गति मजबूत बनी हुई है और घरेलू मांग के चलते विकास दर करीब 7.8 प्रतिशत बनी हुई है।

मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की विकास की गति मजबूत बनी हुई है और घरेलू मांग के चलते विकास दर करीब 7.8 प्रतिशत बनी हुई है।

एनएसई की ओर से यह रिपोर्ट ऐसे समय में जारी की गई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई है।

एनएसई ने रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतें महंगाई, चालू खाता घाटा और भारत की मुद्रा की स्थित के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है।

एक्सचेंज के मुताबिक, फरवरी में निफ्टी 50 में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि व्यापक बाजार में कुछ स्थिरता देखने को मिली। मार्च में बिकवाली तेज हो गई, निफ्टी में 1- 13 मार्च तक साल-दर-साल 11.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने स्थिरता बनाए रखी, फरवरी में 38,423 करोड़ रुपए के शुद्ध निवेश के साथ उनकी खरीदारी का सिलसिला लगातार 31वें महीने जारी रहा, जिसे 29,845 करोड़ रुपए के एसआईपी इनफ्लो का समर्थन मिला। विदेशी निवेशकों ने फरवरी में कुछ समय के लिए खरीदारी की, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों में गिरावट आने के साथ ही उन्होंने फिर से बिकवाली शुरू कर दी।

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। इसके लिए एनएसई ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजों का हवाला दिया।

एनएसई के मुताबिक, इस दौरान कंपनियों की आय वृद्धि मजबूत बनी रही, निफ्टी 50 और व्यापक बाजार ने त्योहारी मांग, ऋण मांग और बेहतर वसूली के समर्थन से दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की। निफ्टी 50 कंपनियों से परे सभी क्षेत्रों में मुनाफे में वृद्धि भी मजबूत हुई।

इसके अतिरिक्त,रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में आईपीओ गतिविधियां मजबूत बनी हुई है।

वित्त वर्ष 26 में अब तक 99 मेनबोर्ड आईपीओ की लिस्टिंग हुई है और इसके माध्यम से कंपनियों ने 1.7 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। पिछले साल 79 कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए 1.7 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे।

एसएमई सेगमेंट में भी आईपीओ गतिविधियों में कमजोरी देखी गई है और वित्त वर्ष 26 में कुल 105 एसएमई आईपीओ की लिस्टिंग हुई, जिसमें कंपनियों ने 5,121 करोड़ रुपए जुटाए। वित्त वर्ष 25 में 163 एसएमई आईपीओ आए थे और उन्होंने 7,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई।

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Created On :   24 March 2026 2:38 PM IST

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