जमशेदपुर टकराव और हिंसा का रास्ता अपना रही कांग्रेस बाबूलाल मरांडी

जमशेदपुर टकराव और हिंसा का रास्ता अपना रही कांग्रेस बाबूलाल मरांडी
जमशेदपुर के बिष्टुपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को हुई भिड़ंत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को जमशेदपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोध का जवाब देने के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है।

जमशेदपुर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। जमशेदपुर के बिष्टुपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को हुई भिड़ंत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को जमशेदपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोध का जवाब देने के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बीच हिंसा और पथराव किसी भी सूरत में उचित नहीं है। साकची स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर पथराव किया गया। मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने, सवाल पूछने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मरांडी ने तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच एक ही हैं, दोनों अंधेरे में पनपते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक सवालों का सामना करने के बजाय टकराव की स्थिति पैदा कर रही है। मरांडी ने नवरात्र का उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति से सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध तथ्यों और जनहित के मुद्दों के आधार पर होना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए।

प्रेस वार्ता में मरांडी ने राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का आरोप लगाया और उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकाले जाने पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को न्यायपालिका सहित संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता का सम्मान करना चाहिए।

मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने और माओवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को सरकार की उपलब्धियां बताया।

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Created On :   13 Oct 2026 5:53 PM IST

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