झारखंड रिम्स में बढ़ेंगी एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें, सरकार ने शुरू की तैयारी

झारखंड रिम्स में बढ़ेंगी एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें, सरकार ने शुरू की तैयारी
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रिम्स में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। राज्य सरकार ने यहां एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे राज्य में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रांची, 10 जून (आईएएनएस)। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रिम्स में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। राज्य सरकार ने यहां एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे राज्य में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स प्रबंधन को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250, पीजी सीटों की संख्या 176 से बढ़ाकर 275 और सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या 11 से बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार की एक योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के लिए प्रति अतिरिक्त सीट करीब 1.5 करोड़ रुपए तक की सहायता उपलब्ध है। योजना की लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इसी योजना के तहत जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और धनबाद के एसएनएमएमसीएच में भी एमबीबीएस और पीजी सीटों में बड़ी वृद्धि के प्रस्तावों को केंद्र सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। रिम्स में सीटें बढ़ाने के लिए नए भवनों के निर्माण, पुराने भवनों के जीर्णोद्धार, आधुनिक उपकरणों की खरीद और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जर्जर भवनों को हटाकर नई संरचनाएं बनाई जाएंगी।

इस बीच रिम्स-2 परियोजना के तहत छात्रावासों के निर्माण की भी योजना है। सरकार छात्रावासों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कराने की संभावना तलाश रही है, ताकि सरकारी खर्च कम हो और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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Created On :   10 Jun 2026 12:41 PM IST

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