जेपीएससी आंदोलन तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में दाखिल कराया गया अनशनकारी छात्र, हाल जानने पहुंचे मंत्री-नेता

जेपीएससी आंदोलन तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में दाखिल कराया गया अनशनकारी छात्र, हाल जानने पहुंचे मंत्री-नेता
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को एक अनशनकारी छात्र की तबीयत गंभीर हो गई। पलामू के छात्र नेता राहुल क्रांति को हालत बिगड़ने के बाद एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया है। राहुल मंगलवार रात से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शुक्रवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें खड़े होने पर तेज चक्कर आ रहा था।

रांची, 7 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को एक अनशनकारी छात्र की तबीयत गंभीर हो गई। पलामू के छात्र नेता राहुल क्रांति को हालत बिगड़ने के बाद एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया है। राहुल मंगलवार रात से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शुक्रवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें खड़े होने पर तेज चक्कर आ रहा था।

इसके बाद आंदोलन स्थल से उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया। आंदोलन से जुड़े एक अन्य छात्र बी. पांडे की भी नारेबाजी के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उसे भी अस्पताल ले जाया गया। वहीं, लगातार बारिश के बीच धरने पर बैठे कोडरमा के छात्र ब्रजकिशोर की तबीयत भी खराब हो गई। उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। राहुल क्रांति और ब्रजकिशोर की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि बीमार छात्र का समुचित इलाज किया।

बाद में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोनों छात्रों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। मरांडी ने अनशनकारी छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण छात्रों को अपनी जान नहीं देनी चाहिए। अभी उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी है। मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों में भरोसा खत्म हो रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के मामलों में संवेदनशीलता दिखाने की मांग की।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद राज्य में हुई कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन सिर्फ कुछ अभ्यर्थियों का मुद्दा नहीं है। यह राज्य के उन सभी युवाओं की आवाज है, जो नौकरी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम

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Created On :   7 Aug 2026 9:15 PM IST

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