जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सात आरोपितों की तलाश में सीआईडी कई जिलों में डाल रही दबिश
रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितता की जांच में जुटी झारखंड सीआईडी ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब तक 22 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि सात अन्य आरोपित अभी भी फरार हैं। सीआईडी की टीमें फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, फरार आरोपितों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। सीआईडी को उम्मीद है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी से परीक्षा में कथित धांधली के पूरे नेटवर्क की कई और कड़ियां सामने आ सकती हैं। जिन सात आरोपितों की तलाश की जा रही है, उनमें आदित्य पांडेय, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडेय शामिल हैं।
सीआईडी की टीमें इन आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। मामले में सीआईडी की अब तक की कार्रवाई में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते की गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा आयोग की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, उसके मार्केटिंग मैनेजर रामवीर सिंह, तकनीकी प्रोग्रामर मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद एबाद सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े एजेंसी कर्मियों और जेपीएससी के कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है। सीआईडी ने हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार, सोनू कुमार और जेपीएससी कर्मचारी उमेश कुमार समेत अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी अभय तिवारी से जुड़े अरविंद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में एजेंटों और कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर परीक्षा में सफल होने वाले कुछ अभ्यर्थियों की भूमिका भी सामने आई है।
सीआईडी ने बुधेश्वर भगत, रमेश कुमार और उमाकांत उरांव को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और रक्षक सिंह समेत कुछ चयनित अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इन पर परीक्षा में कथित तौर पर धोखाधड़ी या अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफल होने का आरोप है। सीआईडी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी अन्य कंपनियों के लोगों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया है। एजेंसी ने मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उसका संबंध परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी आईसीएन इंडिया से बताया गया है।
वहीं, बिंसिस टेक्नोलॉजीज के निदेशक अरुण शर्मा को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान सीआईडी को परीक्षा से जुड़े कई दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। इनमें ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी शामिल है। अब जांच टीम इन कार्बन कॉपियों का मूल रिकॉर्ड से मिलान और स्क्रूटनी कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में उत्तरों में किसी तरह का बदलाव, अनुचित हस्तक्षेप या अन्य गड़बड़ी हुई थी या नहीं।
--आईएएनएस
एसएनसी/एसके
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Created On :   14 Aug 2026 2:45 PM IST












