कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने बताया क्यों नहीं लड़ेंगे 2028 का विधानसभा चुनाव

कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने बताया क्यों नहीं लड़ेंगे 2028 का विधानसभा चुनाव
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है और ईमानदार राजनीति के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी राजनीति से दूरी बनाने के बावजूद वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और लोगों की समस्याओं और खुशियों की आवाज बने रहेंगे।

बेंगलुरु, 26 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है और ईमानदार राजनीति के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी राजनीति से दूरी बनाने के बावजूद वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और लोगों की समस्याओं और खुशियों की आवाज बने रहेंगे।

सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि वरुणा विधानसभा क्षेत्र के लोग एक बार फिर उनसे चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने तय कर लिया है कि अब वह भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।

उन्होंने कहा, "पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तब क्षेत्र के लोग ही हमें आर्थिक सहयोग देते थे और हमारी जीत सुनिश्चित करते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। अब चुनाव लड़ना हो तो नेताओं को ही लोगों को पैसा देना पड़ता है। राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है और ईमानदार राजनीति के लिए कोई जगह नहीं बची है। यही वजह है कि मैंने भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य को भी इस फैसले का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि वह इस समय 79 वर्ष के हैं और मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक उनकी उम्र 81-82 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में पहले जैसी ऊर्जा और क्षमता के साथ काम करना अब संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, "2028 तक मैं 82 वर्ष का हो जाऊंगा। तब तक मेरे राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे। मैंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इस दौरान मैंने जीत और हार दोनों देखीं, लेकिन हमेशा अपने सिद्धांतों और अंतरात्मा के अनुसार राजनीति की।"

सिद्धारमैया ने कहा कि पिछले पांच दशकों में कर्नाटक की जनता ने उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानकर स्नेह और समर्थन दिया है। इस ऋण को वह कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव नहीं लड़ने के बावजूद उनका शेष जीवन जनसेवा के लिए समर्पित रहेगा।

उन्होंने कहा कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता की समस्याओं, अधिकारों और मुद्दों को पहले की तरह मजबूती से उठाते रहेंगे।

सिद्धारमैया ने यह बातें शनिवार को मंड्या जिले के के.आर. पेट में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में कही थीं, जिसके बाद उन्होंने अपने संबोधन का विवरण 'एक्स' पर साझा किया।

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Created On :   26 July 2026 4:33 PM IST

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