कारगुजारी: फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पी करीब साढ़े 18 हजार वर्गफुट जमीन, फिर बेची - 18 पर केस, 4 गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पी करीब साढ़े 18 हजार वर्गफुट जमीन, फिर बेची - 18 पर केस, 4 गिरफ्तार
  • सावंगी क्षेत्र का मामला, न्यायालय ने सभी को 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा
  • पुराने बिक्री दस्तावेजों में की छेड़छाड़
  • दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच होगी

Sambhaji Nagar News. सावंगी क्षेत्र की करीब 17 गुंठा (करीब साढ़े 18 हजार वर्गफुट) कीमती जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर उसे बेचने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में सिटी चौक पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें फर्नीचर व्यापारी, बीडीएस डॉक्टर, प्लॉटिंग एजेंट और एक राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। पुलिस ने शुक्रवार रात चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह जानकारी जांच अधिकारी एवं एपीआई मनोज शिंदे ने दी। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह है मामला

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुशील बियानी (49), उस्मानपुरा निवासी, ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में सावंगी स्थित संबंधित जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदी थी। 1 फरवरी 2026 को जब वे जमीन पर पहुंचे, तो वहां जेसीबी से खुदाई का काम चल रहा था। पूछताछ करने पर ठेकेदार ने बताया कि उसके पास नौशाद, दिलशाद और शाहदाब जैदी द्वारा कराया गया पांच लाख रुपये के एग्रीमेंट का दस्तावेज है, जिस पर कलेक्टर कार्यालय परिसर में नोटरी के समक्ष हस्ताक्षर किए गए थे तथा 30 हजार रुपये अग्रिम भी दिए गए थे। हालांकि, बियानी द्वारा जमीन के मूल दस्तावेज दिखाने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने फर्जी बिक्री विलेख (सेल डीड), ग्राम पंचायत का फॉर्म नंबर-8, 7/12 उतारा, सुधार पत्र (करेक्शन डीड) और सरकारी सील तैयार कर खुद को जमीन का मालिक बताने की कोशिश की। इतना ही नहीं, 17 फरवरी को कलेक्टर कार्यालय में शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जमीन के स्वामित्व को वैध दिखाने के लिए कई स्तरों पर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि फर्जी फॉर्म नंबर-8 में 4,000 वर्गफुट जमीन नौशाद जैदी के नाम बेची हुई दर्शाई गई, जबकि वास्तविक रिकॉर्ड में ऐसी कोई जमीन मौजूद ही नहीं थी। इसी तरह फर्जी 7/12 उतारे के आधार पर साढ़े तीन गुंठा जमीन दिलशाद जैदी के नाम दर्शाई गई। बाद में उसी में से डेढ़ गुंठा जमीन बिना किसी वैध रिकॉर्ड के उनकी रिश्तेदार सबाकुलसुम मिर्जा के नाम स्थानांतरित कर दी गई। एक अन्य फर्जी 7/12 उतारे में 10 गुंठा जमीन शाहदाब जैदी के नाम दर्शाई गई।

पुराने बिक्री दस्तावेजों में की छेड़छाड़

पुराने बिक्री दस्तावेजों में भी कथित रूप से छेड़छाड़ कर बियानी की जमीन की सीमाएं (बाउंड्री) जोड़ते हुए फर्जी करेक्शन डीड तैयार की गई। इतना ही नहीं, वर्ष 2011 के पुराने स्टांप पेपर और बॉन्ड पेपर का उपयोग कर गिरवी और अन्य लेन-देन से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में पूर्व ग्रामसेवक, पटवारी, सर्किल अधिकारी तथा उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि इन दस्तावेजों का उपयोग सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के उद्देश्य से किया गया।

18 आरोपियों पर मामला दर्ज

सिटी चौक पुलिस ने सैयद इरशाद जैदी, सरफराज जैदी, जिशान सरफराज अली जैदी, नौशाद जैदी, दिलशाद जैदी, शाहदाब जैदी, सैयद जव्वाद जैदी, मोहम्मद मासी, शेख माजिद, एजाज अहमद खान, मुर्तुजा अल्वी, जसमीत सिंह सलूजा, सबाकुलसुम मिर्जा, मिर्जा जाकिर, मिर्जा मोहम्मद जाफर, मोहम्मद जलीस, नासिर इदरीस याफाई और मोहम्मद हुसैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस ने फर्नीचर व्यापारी नौशाद जैदी, बीडीएस डॉक्टर दिलशाद जैदी, राजनीतिक कार्यकर्ता सैयद जव्वाद जैदी और प्लॉटिंग एजेंट एजाज अहमद खान को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक मनोज शिंदे कर रहे हैं। गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत ने 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच होगी

पुलिस का कहना है कि मामले में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। यदि सरकारी रिकॉर्ड में किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शहर में हाल के महीनों में सामने आए बड़े भूमि घोटालों की एक और महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

Created On :   26 July 2026 4:20 PM IST

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