वसूली की चेन: जालना आरटीओ के एजेंट का दावा : अधिकारियों के लिए हर साल 36 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करता था

जालना आरटीओ के एजेंट का दावा : अधिकारियों के लिए हर साल 36 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करता था
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत दिखाकर खोली कथित वसूली की पूरी चेन
  • खुलासे के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाय एजेंट पर ही दर्ज कराया शासकीय कार्य में बाधा का मामला
  • सूची दिखाकर बताया, कैसे होती थी हर माह तीन करोड़ की वसूली

Chhatrapati Sambhaji Nagar/Jalna News. महाराष्ट्र के आरटीओ में करोड़ों की कथित अवैध वसूली का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सरकार इस मुद्दे पर लगातार दो दिनों तक चर्चा कर चुकी है और पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिए गए हैं। इसी बीच जालना आरटीओ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय ट्रांसपोर्टर एवं मोटर मालिक सिकंदर खान (यूसुफ खान सिकंदर खान) ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि वह आरटीओ अधिकारियों के कहने पर हर माह करीब तीन करोड़ रुपए, यानी सालाना लगभग 36 करोड़ रुपए की अवैध वसूली कर उन्हें पहुंचाता था। उसने कथित वसूली तंत्र, उससे जुड़े अधिकारियों और पूरी चेन का सबूतों के साथ खुलासा करने का दावा भी किया। हालांकि, इस खुलासे के बाद विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिकंदर खान पर ही शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करा दिया।

सूची दिखाकर बताया, कैसे होती थी हर माह तीन करोड़ की वसूली

सिकंदर खान ने आरोप लगाया कि शुरुआत में उस पर ट्रकों से अवैध वसूली के लिए दबाव बनाया गया। बाद में उसे एक सूची देकर ट्रक चालकों और अन्य वाहन संचालकों से नियमित रूप से हफ्ता वसूलने की जिम्मेदारी सौंप दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उसने कथित वसूली की सूची भी दिखाई। उसका दावा है कि उसने यह भी बताया कि किन-किन श्रेणी के वाहनों से कितनी रकम वसूली जाती थी, वह किन अधिकारियों तक पहुंचती थी और वसूली के लिए उसे किन अधिकारियों के फोन आते थे।

इन अधिकारियों के नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप

सिकंदर खान ने आरटीओ इंस्पेक्टर भीमराज नागरे सहित अनिल कदम, अविनाश पाटिल, दीपक जाधव और आसाराम गोले पर कथित अवैध वसूली कराने के आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके पास इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत भी हैं। सिकंदर के अनुसार, आरटीओ इंस्पेक्टर भीमराज नागरे हर माह उससे वसूली का पूरा हिसाब मांगते थे।

खुलासा करने वाले पर ही दर्ज करा दिया मामला

सिकंदर खान का आरोप है कि जैसे ही उसने कथित अवैध वसूली का खुलासा किया, विभाग ने उसके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करा दिया। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

एसआईटी करेगी पूरे घोटाले की जांच

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरटीओ घोटाले की जांच के दौरान चार अधिकारियों - रवींद्र भुयार, योगेश मोरे, आनंद मोड और गणेश विघ्ने को अवकाश पर भेज दिया है। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। एसआईटी को एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

इस बीच उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि कुछ लोग झूठे आरोपों से वाहन मालिकों में भ्रम पैदा कर रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी के लालच में ना आएं, अफवाहों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

बड़ा सवाल

आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने आरटीओ विभाग के अधिकारियों से हुई बातचीत के सबूत पेश किए हैं। उन अधिकारियों के नाम भी बताए हैं, जो उससे वसूली करवाते थे। उसने वसूली किए जाने वाले वाहनों की सूची और उनके नंबर भी बताए हैं। करोड़ों रुपए कब किसको दिए, ये भी बताया है। इतने गंभीर आरोपों और सबूतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग भी की जा रही है।

Created On :   12 July 2026 3:22 PM IST

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