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छापा: बाबा फर्जान की मौत के बाद बंगले पर बड़ी कार्रवाई, साढ़े 5 करोड़ नकदी, सोना-चांदी, हथियार सहित विदेशी शराब बरामद

Chhatrapati Sambhaji Nagar. चर्चित बाबा फर्जान उर्फ फर्दुन अद्रेसर दोरडी की मौत के बाद पुलिस ने उसकी संपत्ति पर कार्रवाई करते हुए मिटमिटा स्थित बंगले से करोड़ों की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, आग्नेयास्त्र, सैकड़ों कारतूस, धारदार हथियार और विदेशी शराब बरामद की है। बरामदगी के बाद छावनी पुलिस थाने में बाबा फर्जान की पत्नी शिलाबाई बाबा फर्जान दोरडी (शिलाबाई गणपत सालवे, 48) के खिलाफ भारतीय अधिनियम की धारा 3, 4, 21 और 25, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 124 और 135 तथा महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम की धारा 65(ई) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही शिलाबाई को गिरफ्तार किया गया। छावनी पुलिस ने शिलाबाई को शनिवार को न्यायालय में हाजिर किया गया, जहां उसे चार दिन तक पुलिस रिमांड में रखने का आदेश दिया गया। यह जानकारी जांच अधिकारी तथा प्रभारी अधिकारी डॉ. विवेक जाधव ने दी।
नकदी और हथियार मिलने से पुलिस हैरान
पुलिस के अनुसार 10 जुलाई की शाम करीब 4.30 बजे गुप्त सूचना मिलने पर गुन्हे शाखा की टीम ने मिटमिटा स्थित गट नंबर 126 में छापा मारा। तलाशी के दौरान घर में रखी भारी मात्रा में नकदी और हथियार मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई। कार्रवाई के बाद 11 जुलाई तड़के 4.28 बजे छावनी पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया। सरकारी शिकायतकर्ता अपराध शाखा के पुलिस हवलदार योगेश डोंगर नबसारे ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने बिना वैध अनुमति के बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, हथियार और विदेशी शराब अपने कब्जे में रखी थी। इसके अलावा बाबा फर्जान के नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंस के हथियार उनकी मृत्यु के बाद भी नियमों के अनुसार जमा नहीं कराए गए, जिससे शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन हुआ। पंचनामे के अनुसार जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य करीब 5 करोड़ 65 लाख 54 हजार 434 रुपए बताया गया है।
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बरामद सामान के दस्तावेज नहीं दिखा पाई महिला
जैसे ही पुलिस घर में घुसी, वहां खड़ी महिला शिलाबाई बाबा फरजान दोरडी ने कहा कि बाबा फर्जान मेरे पति थे, उनके निधन के बाद मैं अपनी बहन के साथ यहां रह रही हूं। घर की चाबी के बारे में पूछने पर वह पहले टालमटोल करनी लगीं। काफी देर बाद पुलिस ने पंचों के सामने ताले को पेचकश से तोड़ा। इसके बाद जांच करने पर नकदी, सोना, चांदी, हथियार, कारतूस अादि सामग्री मिली। बेडरूम में कई कंपनियों की विदेशी शराब मिली। इस मामले में पुलिस ने बरामद सामान के दस्तावेज मांगे, लेकिन महिला कागजात नहीं दिए। पीएसआई प्रवीण पातरकर ने वरिष्ठों को सूचना दी और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर जब्त कर ली।
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यह सामग्री हुई बरामद
- - 5 करोड़ 26 लाख 29 हजार 560 रुपए नकद
- - 21 लाख 34 हजार 350 रुपए के सोने के आभूषण (कुल वजन 151.33 ग्राम)
- - 8 लाख 9 हजार 248 रुपए के चांदी के आभूषण व सिक्के (करीब 3.92 किलो)
- - एक रिवॉल्वर और दो पिस्टल
- - चार रायफल
- - चार मैगजीन
- - 632 जिंदा कारतूस (12 बोर सहित अन्य)
- - 23 से अधिक धारदार हथियार, जिनमें तलवार, गुप्ती, चाकू, कोयता, भाला-फरशी और मिलिट्री जैक नाइफ शामिल है।
- - विदेशी शराब की विभिन्न ब्रांड की बोतलें
- - सीपी प्लस कंपनी का डीवीआर
- - दो मूल और एक छायाप्रति शस्त्र लाइसेंस।
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जांच का फोकस अब इन बिंदुओं पर
- - अब पुलिस कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है।
- - 5.26 करोड़ रुपए नकद का स्रोत क्या है?
- - सोना-चांदी कहां से आया?
- - बरामद हथियारों में कितने लाइसेंसी और कितने अवैध हैं?
- - विदेशी शराब का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था?
- - क्या बरामद संपत्ति किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ी है?
- - क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका है?
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अपराध करके बनाई संपत्ति
बाबा फर्जान 1980 और 1990 के दशक में छत्रपति संभाजीनगर के अपराध जगत में छाया रहा। उसने अपराध करके बउ़ी संपत्ति बनाई। सिटी चौक के बुड्ढीलेन इलाके से उसका काफी प्रभाव रहा। जमीन के कारोबार, औद्योगिक क्षेत्रों की मजदूर यूनियनों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के जरिए उसने शहर में मजबूत पकड़ बनाई थी। उस दौर में व्यापारी, उद्योगपति और कई राजनीतिक नेताओं से भी उसके संबंध थे। बाबा फर्जान ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। 1995 के बाद उसका परिवार पुणे में बस गया था। इसके बाद उनका अधिकांश समय पुणे और छत्रपति संभाजीनगर के बीच बीतता रहा।
Created On :   12 July 2026 3:17 PM IST













