महत्वपूर्ण कदम: धाराशिव-बीड़-छत्रपति संभाजीनगर नई रेल लाइन के सर्वेक्षण को मंजूरी, डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू

धाराशिव-बीड़-छत्रपति संभाजीनगर नई रेल लाइन के सर्वेक्षण को मंजूरी, डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
  • मराठवाड़ा के भविष्य की मजबूत कड़ी

Sambhaji Nagar News. मराठवाड़ा में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेल मंत्रालय ने धाराशिव-बीड़-छत्रपति संभाजीनगर के बीच लगभग 240 किमी लंबी नई रेलवे लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने हेतु आवश्यक सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार के साथ आवश्यक चर्चा, नीति आयोग, वित्त मंत्रालय तथा अन्य संबंधित संस्थानों से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद परियोजना के अगले चरणों पर निर्णय लिया जाएगा।

मराठवाड़ा के भविष्य की मजबूत कड़ी

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेलवे परियोजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया एक सतत प्रक्रिया है, जो विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक चरणों से गुजरती है। प्रस्तावित रेलवे लाइन केवल तीन जिलों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि मराठवाड़ा के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।

छत्रपति संभाजीनगर राज्य में तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में यह रेलवे लाइन बिड़कीन औद्योगिक क्षेत्र को रेलवे मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिला सकती है। इसके अलावा, भविष्य में यह लाइन उत्तर-दक्षिण रेलवे कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की क्षमता भी रखती है।

यहां से सीधे जुड़ जाएगा शहर

इस परियोजना से छत्रपति संभाजीनगर को दक्षिण महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और दक्षिण भारत से अधिक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों को छोटे और वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होंगे, वहीं माल ढुलाई के लिए भी अधिक कुशल रेल नेटवर्क विकसित होगा।

विशेष रूप से ऑरिक, शेंद्रा-बिड़कीन औद्योगिक क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, इंजीनियरिंग तथा कृषि-प्रसंस्करण उद्योगों को इस रेल मार्ग का बड़ा लाभ मिल सकता है। कंटेनर, औद्योगिक कच्चे माल, तैयार उत्पादों और कृषि उपज का परिवहन अधिक तेज़ी से, कम लागत में और अधिक कुशलता से किया जा सकेगा।

भक्तों को भी मिलेगा लाभ

यह रेलवे लाइन मराठवाड़ा के धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को अधिक सुविधाजनक बनाएगी। शिक्षा, रोजगार, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दैनिक आवागमन में भी काफी सुविधा मिलेगी।

यदि भविष्य में इस मार्ग को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के साथ प्रभावी ढंग से एकीकृत किया जाता है, तो यह उत्तर-दक्षिण माल एवं यात्री परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रेल गलियारे के रूप में विकसित हो सकता है।

Created On :   26 July 2026 5:00 PM IST

Tags

Next Story