केंद्रीय गृह सचिव ने ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध पर राष्ट्रीय संवाद’ का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह सचिव ने ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध पर राष्ट्रीय संवाद’ का उद्घाटन किया
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने नई दिल्ली में ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध (ओसीडब्ल्यूसी) पर राष्ट्रीय संवाद’ का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाकर महिलाओं और बच्चों को लक्षित करने वाले ऑनलाइन अपराधों को रोकने तथा उन पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए समन्वित तंत्रों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था।

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने नई दिल्ली में ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध (ओसीडब्ल्यूसी) पर राष्ट्रीय संवाद’ का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाकर महिलाओं और बच्चों को लक्षित करने वाले ऑनलाइन अपराधों को रोकने तथा उन पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए समन्वित तंत्रों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत सरकार देश भर में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, संरक्षित तथा सम्मानजनक डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने हेतु संस्थागत तंत्रों को मजबूत करने तथा सभी हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने तेजी से डिजिटल हो रहे पारिस्थितिकी तंत्र में ऑनलाइन अपराधों द्वारा उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डाला तथा ऐसे अपराधों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों को मजबूत, विशेषीकृत इकाइयों का विकास करना चाहिए तथा समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने चाहिए ताकि समयबद्ध जांच, पीड़ितों को सहायता तथा अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

गोविंद मोहन ने सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निर्देश दिया कि वे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों को प्राथमिकता दें तथा ऐसे मामलों में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मध्यस्थों से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा संबंधित नियमों के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया तथा सभी हितधारकों से सुरक्षित और संरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया।

यह राष्ट्रीय संवाद ज्ञान के आदान-प्रदान, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने तथा डिजिटल वातावरण में ऑनलाइन अपराधों द्वारा उत्पन्न विकसित होती चुनौतियों से निपटने के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय रणनीति निर्माण पर सामूहिक विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करता है।

उद्घाटन के अवसर पर राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के लिए महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों पर मास्टर ट्रेनर्स इंडक्शन प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित अधिकारियों का एक राष्ट्रीय पूल तैयार करना है, जो अपने-अपने राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्रों में क्षमता-निर्माण पहलों का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम का लक्ष्य चयनित अधिकारियों को उभरते साइबर खतरों, जो महिलाओं और बच्चों को लक्षित करते हैं, से निपटने के लिए आवश्यक विशेषीकृत ज्ञान, जांच तकनीकों तथा सर्वोत्तम प्रथाओं से सुसज्जित करना है। ये अधिकारी आगे राज्य एवं जिला स्तर पर कानून प्रवर्तन कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे ऐसे अपराधों के प्रति देश की प्रतिक्रिया संरचना को और मजबूत किया जा सके।

राष्ट्रीय संवाद में राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के प्रतिनिधि, सोशल मीडिया मध्यस्थ, इंटरनेट सेवा प्रदाता, शिक्षाविद्, नागरिक समाज संगठन, विधि विशेषज्ञ तथा छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आईएएनएस

एमएस/

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Created On :   13 March 2026 4:59 PM IST

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