लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाने में शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका ज्ञानेश कुमार
पटना, 17 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सोमवार को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स और 'ईसीआईनेट' सम्मेलन के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर चुनाव आयोग ने देशभर में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स की शुरुआत की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, कानूनों और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की निगरानी एवं सहभागिता सुनिश्चित होती है, जिससे चुनावों की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनी रहती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की भूमिका से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा नागरिकों का जागरूक और सूचित सहभाग लोकतंत्र के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण निवेश है।
सम्मेलन के दौरान इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का नया लोगो भी लॉन्च किया गया। इसके साथ नया टैगलाइन (लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें) प्रस्तुत किया गया। यह टैगलाइन युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने के साथ-साथ उसमें सक्रिय एवं सार्थक भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश देती है।
चुनाव आयोग के अनुसार, इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0 को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक संगठित, प्रभावी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर युवाओं के साथ-साथ उनके परिवारों और समुदायों में भी चुनावी जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा।
यह पहल एसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी, जो मतदाता सूची से लेकर मतदान तक की चुनाव संबंधी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। आयोग ने बताया कि एसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल के माध्यम से देशभर में क्लबों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने बताया कि भारत में लगभग 15 लाख स्कूल, 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय, 70,000 शिक्षण संस्थान तथा 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। ऐसे व्यापक शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से चुनावी साक्षरता को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
आयोग का मानना है कि ईएलसी 2.0 युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की तथ्यात्मक और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगा, साथ ही भारत की चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा। इसके माध्यम से युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक भागीदारी का सक्रिय दूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बिहार के अपने दो दिवसीय दौरे (16-17 अगस्त 2026) के दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा जिलों का दौरा कर चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
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Created On :   17 Aug 2026 7:53 PM IST












