कन्नौज के मां फूलमती देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता, सीसीटीवी और ड्रोन से की जा रही निगरानी

कन्नौज के मां फूलमती देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता, सीसीटीवी और ड्रोन से की जा रही निगरानी
नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इत्र नगरी कन्नौज में स्थित करीब 500 साल पुराने सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में भी रविवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर समेत कई जगहों से यहां 9 दिन तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

कन्नौज, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इत्र नगरी कन्नौज में स्थित करीब 500 साल पुराने सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में भी रविवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर समेत कई जगहों से यहां 9 दिन तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

सुरक्षा के मद्देनजर बलों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। मंदिर को भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया है। मां की प्रतिमा पर चढ़ाए जाने वाले जल का श्रद्धालुओं में विषेश महत्व है।

मां फूलमती देवी मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की बेटी हैं। मां सात बहनें हैं। कन्नौज का नाम पुराणों में दर्ज है। मां के दर्शन करने कई प्रांतों के भक्त आते हैं, जिनकी कुल की देवी हैं। मां की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित हो गई है। प्रतिदिन शाम को मां की आरती की जाती है।

श्रद्धालु राजीव कुमार ने कहा, "मां के दरबार में हम बचपन से ही आ रहे हैं। मां की मान्यता काफी ज्यादा है। मां से मांगी गई सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। मां के दरबार में आने से संतान की प्राप्ति होती है। मां के दरबार में आने से मन शांत हो जाता है और काफी अच्छा लगता है।"

वहीं, मध्य प्रदेश के देवास में नवरात्रि के पहले दिन भक्त पूजा-अर्चना करने और रविवार सुबह की आरती में शामिल होने के लिए मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिरों में उमड़ पड़े। बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, आज शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। हर व्यक्ति और भक्त की इच्छा होती है कि वह पहले ही दिन मां के दर्शन करे। पहले दिन दर्शन करने को जीवन में एक नई शुरुआत माना जाता है। मंदिर के महत्व की बात करें तो यह सदियों पुराना है और मां स्वयं यहां साक्षात प्रकट हुई थीं।"

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Created On :   11 Oct 2026 1:26 PM IST

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