महागठबंधन में फूट पर बोले मंत्री अशोक चौधरी- यह कोई नई बात नहीं, आपसी समझ की कमी से बिगड़ते हैं हालात

महागठबंधन में फूट पर बोले मंत्री अशोक चौधरी- यह कोई नई बात नहीं, आपसी समझ की कमी से बिगड़ते हैं हालात
बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार को लेकर महागठबंधन में चल रही खींचतान पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में मतभेद कोई नई बात नहीं है, विधानसभा चुनाव में भी यही देखने को मिला था। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति की धुरी बताते हुए कहा कि अपने विकास कार्यों के दम पर ही आज जनता उन्हें विश्वकर्मा, विकास पुरुष और बिहार का गांधी कहती है।

रोहतास, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार को लेकर महागठबंधन में चल रही खींचतान पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में मतभेद कोई नई बात नहीं है, विधानसभा चुनाव में भी यही देखने को मिला था। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति की धुरी बताते हुए कहा कि अपने विकास कार्यों के दम पर ही आज जनता उन्हें विश्वकर्मा, विकास पुरुष और बिहार का गांधी कहती है।

कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार और महागठबंधन में मतभेद को लेकर बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, यह कोई नई बात नहीं है; विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसी स्थिति देखने को मिली थी। आपसी समझ की कमी के कारण ही इस तरह के हालात बनते हैं।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार और देश की राजनीति में नीतीश कुमार एक धुरी हैं। अपने कार्यों के कारण ही आज प्रदेश की जनता उन्हें बिहार का विश्वकर्मा और विकास पुरुष कहती है। प्रदेश के लोग उन्हें बिहार का गांधी और मानस पिता भी कहते हैं। इसका कारण है कि उन्होंने अपनी दूरदर्शिता से ऐसे कार्य किए हैं, जिनके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था और जिनका परिणाम 10 से 15 वर्षों में देखने को मिला है।

उन्होंने आगे कहा कि जरा सोचिए, किन परिस्थितियों में बिहार उन्हें मिला था? 118 नरसंहार हुए थे, हिंदू-मुस्लिम के बीच लड़ाई और अगड़ा-पिछड़ा का भेद था। सोच कर देखिए, उस समय क्या स्थिति थी। शाम 7 बजे के बाद क्या कोई गांव खुला रहता था? अंधेरा होने के बाद किसी भी टोले या बाजार में 7 बजे के बाद कुछ खुला रहता था क्या? क्या बिजली रहती थी? उस समय बिहार में सिर्फ 700 मेगावाट बिजली की खपत होती थी, जबकि आज 8700 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है।

अशोक चौधरी ने कहा कि आप समझ सकते हैं कि कितना फर्क आया है और बिजली के क्षेत्र में कितना काम हुआ है। नीतीश कुमार ने कहा कि सवा लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बनवाईं। सवा लाख किलोमीटर सड़क बनाना कोई मामूली बात नहीं है। कहां-कहां पुल बनाए गए हैं, पहले आने-जाने में कितना समय लगता था, आज पूरी व्यवस्था ही बदल गई है।

उन्होंने कहा कि अब हम बिहारवासियों का काम है कि हम आपसी मेल और प्रेम से इस बिहार को समृद्धशाली बनाएं। इस समृद्ध बिहार को बनाने के लिए हमें उद्योगों को लाना होगा, उन्हें आमंत्रित करना होगा। बिहार सरकार ने जो नई उद्योग नीति बनाई है, वह देश में सबसे बेहतर है। कैपिटल सब्सिडी में भी, जीएसटी में भी और बिजली में भी हमने छूट दी है।

अशोक चौधरी ने कहा कि अब हमें उद्योगों को आकर्षित कर यहां उद्योग लगाने हैं, ताकि 14 करोड़ की इस बड़ी आबादी को रोजगार मिल सके। यह याद रखना होगा कि बिहार दुनिया में प्रति वर्ग किलोमीटर सबसे घनी आबादी वाला प्रदेश है। यहां बेरोजगारी ज्यादा है, नौजवान ज्यादा हैं। नदियां हमारे साथ हैं, इसलिए सभ्यताएं भी यहीं बसी हैं। हमें आने वाले बिहार को समृद्धशाली बनाना है, और इस दिशा में सरकार लगातार सात निश्चय-3 पर काम कर रही है, जो नीतीश कुमार द्वारा बनाया गया है।

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Created On :   3 Oct 2026 12:19 AM IST

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