महिला आरक्षण बिल से श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने में मिलेगी मदद, सीतापुर की महिलाओं ने किया स्वागत
सीतापुर, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार 'महिला आरक्षण बिल' को 2029 से लागू करने की तैयारी में है, जिसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। सीतापुर में महिलाओं ने रविवार को विधेयक की तारीफ की और कहा कि यह महिलाओं को काफी हद तक सशक्त करेगा, जिनकी पहले पुरुषों के मुकाबले राजनीतिक भागीदारी बहुत कम थी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस की सक्रिय राजनेता शमीना शफीक ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "महिला आरक्षण बिल बहुत वर्षों से लंबित है। देशभर कि महिलाओं की आवाज इसको लेकर उठ रही थी कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। ऐसे में अगर पीएम मोदी ने घोषणा की है कि वह विशेष पत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल की घोषणा करेंगे, तो यह स्वागतयोग्य बात है।"
उन्होंने बताया, "महिलाओं से संबंधित जो समस्याएं हैं, वह सिर्फ महिलाओं की नहीं बल्कि पूरे समाज से जुड़ी हैं, चाहे गैस, मंहगाई या बेरोजगारी की समस्या हो। ये सारी समस्याएं समाज की हैं, लेकिन इसका सीधा नाता महिला से होता है। ऐसे में जब सदन में महिला होगी, तो उनके पक्ष को ज्यादा मजबूती से रख पाएगी। महिलाओं के आरक्षण के नाम पर किसी भी क्षेत्र या वर्ग का नुकसान नहीं होना चाहिए।"
शमीना शफीक ने कहा, "इस बिल को सर्वप्रथम सोनिया गांधी ने यूपीए की सरकार के समय में प्रस्तावित किया था। उस समय बहुत सारे सत्तापक्ष और कुछ विपक्ष की पार्टियों ने बिल का विरोध किया था, जिसके चलते यह लोकसभा में पारित नहीं हो पाया था। उसके बाद समय-समय पर सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे यह बात बार-बार उठा रहे थे कि इस बिल को तुरंत प्रस्तावित किया जाए।"
उन्होंने कहा, "सीतापुर राजनीतिक तौर पर बहुत ही परिपक्व जमीन है। मुझे लगता है कि राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट देने में पीछे रह जाते हैं। ऐसे में इस बिल से महिलाओं को न्याय मिलेगा। जमीनी स्तर पर महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी।"
भाजपा महिला मोर्चा की शीतल अग्रवाल ने भी आरक्षण बिल को स्वागतयोग्य बताया। उन्होंने कहा, "घर और समाज में महिलाओं की भागीदारी है, अगर राजनीति में भी होगी तो हम और सक्षम बनेंगे। सारी महिलाओं के लिए यह बहुत ही बड़ा कदम है।"
केंद्रीय विद्यालय से रिटायर्ड प्रिंसिपल सावित्री देवी ने कहा, "केंद्र सरकार का यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे समाज का विकास होगा। यह बिल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब सरकार इसका प्रस्ताव ला रही है, जो सराहनीय है। इस बिल से श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।"
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Created On :   5 April 2026 7:38 PM IST












