'मैं बस 31 मार्च के बारे में सोच रहा हूं', रयान विलियम्स भारत के लिए डेब्यू करने को उत्साहित

मैं बस 31 मार्च के बारे में सोच रहा हूं, रयान विलियम्स भारत के लिए डेब्यू करने को उत्साहित
भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए 31 मार्च की तारीख खास होगी। ऑस्ट्रेलिया में जन्मे 32 साल के मिडफील्डर रयान विलियम्स एएफसी एशियन कप 2027 क्वालिफायर्स के फाइनल राउंड में हांगकांग के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू कर सकते हैं। वह कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में ‘ब्लू टाइगर्स’ की जर्सी पहनेंगे।

कोच्चि, 28 मार्च (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए 31 मार्च की तारीख खास होगी। ऑस्ट्रेलिया में जन्मे 32 साल के मिडफील्डर रयान विलियम्स एएफसी एशियन कप 2027 क्वालिफायर्स के फाइनल राउंड में हांगकांग के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू कर सकते हैं। वह कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में ‘ब्लू टाइगर्स’ की जर्सी पहनेंगे।

विलियम्स को नवंबर 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए फीफा से मंजूरी मिली थी। हालांकि, इस मंजूरी तक पहुंचने के लिए उन्हें पासपोर्ट, दस्तावेजीकरण और ऑस्ट्रेलिया से भारत के फुटबॉल महासंघ में ट्रांसफर की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा, "बहुत बड़ी राहत मिली। आखिरकार सब पूरा हो गया और अब मैं यहां हूं।"

विलियम्स ने बताया कि शुरुआत में कई लोगों ने कहा कि यह मुमकिन नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने मजबूत इरादे पर भरोसा रखा। विलियम्स अपने साथ अंतरराष्ट्रीय अनुभव का खजाना लेकर आए हैं। वह ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्लब पोर्ट्समाउथ, फुलहम, ऑक्सफोर्ड यूनाइटेड, बार्न्सले, रॉदरहैम यूनाइटेड और पर्थ ग्लोरी की तरफ से खेल चुके हैं।

साल 2023 में वह बेंगलुरु एफसी से जुड़े थे। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया के लिए अंडर-20, अंडर-23 और एक फ्रेंडली मैच में राष्ट्रीय टीम में खेल चुके हैं। विलियम्स के लिए यह डेब्यू सिर्फ खेल की उपलब्धि नहीं, बल्कि पारिवारिक गर्व का पल भी है। उन्होंने कहा, "मेरे दादाजी ने संतोष ट्रॉफी खेली थी। अब उनके पोते का भारतीय राष्ट्रीय टीम में खेलना बहुत खास पल है। परिवार को इस पर गर्व है।" राष्ट्रीय टीम में शामिल होने पर रयान विलियम्स का जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने कहा, "मैं अब पिछले कैंप की तुलना में ज्यादा सहज महसूस कर रहा हूं। टीम के सभी लोग बहुत अच्छे और विनम्र हैं।"

विलियम्स का मानना है कि उनकी यह यात्रा दूसरे भारतीय मूल के खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, "मेरा लंबे समय का लक्ष्य यह है कि मैं (भारतीय मूल के) दूसरे खिलाड़ियों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित कर सकूं। लोग आपसे चाहे कुछ भी कहें, यह मुमकिन है। आप यहां आ सकते हैं, और आप बदलाव ला सकते हैं।" अभी रयान का पूरा ध्यान 31 मार्च के मैच पर है। इस मैच से वह अलग महाद्वीपों और लंबी जटिल प्रक्रियाओं से भरी यात्रा का अंत करेंगे और भारत की नीली जर्सी में एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   28 March 2026 7:33 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story