मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर संतों का पलटवार, कहा- सनातन संस्कृति पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं

मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर संतों का पलटवार, कहा- सनातन संस्कृति पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम और पांच वक्त का नमाजी बताए जाने पर अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बयान तथ्यहीन, साक्ष्यहीन, अमानवीय और देश में अशांति फैलाने वाला है। भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम और साक्षात परमात्मा हैं।

अयोध्या, 16 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम और पांच वक्त का नमाजी बताए जाने पर अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बयान तथ्यहीन, साक्ष्यहीन, अमानवीय और देश में अशांति फैलाने वाला है। भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम और साक्षात परमात्मा हैं।

उन्होंने कहा, "नमाज को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वह भारतीय संस्कृति के विपरीत हैं। नमाज में पढ़े जाने वाले कलमे का अर्थ यह है कि अल्लाह के अलावा कोई पूजा के योग्य नहीं है। भारत में विभिन्न उपासनाओं और परंपराओं को मानने वाले लोग रहते हैं, ऐसे में इस तरह की बातें समाज में विवाद पैदा करती हैं।"

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर कई बार विवाद सामने आते हैं और ऐसी गतिविधियों से समाज में तनाव उत्पन्न होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना जरजिस का बयान सनातन संस्कृति के खिलाफ है। भारत में नमाज पर रोक लगनी चाहिए। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और गृह मंत्री से मांग की कि मौलाना जरजिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में शांति बनी रहे।

अयोध्या के संत धर्मदास महाराज ने भी मौलाना जरजिस के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनके ज्ञान की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "सनातन संस्कृति बहुत प्राचीन है। मुस्लिम, बौद्ध और ईसाई धर्मों का इतिहास बाद का है।" उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में देव संस्कृति और मानवता की परंपरा रही है। भगवान श्रीकृष्ण सर्वव्यापी हैं और उन्हें केवल किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कई संतों और भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की है और उनके बारे में लिखा है। इसलिए ऐसे विषयों पर बिना जानकारी के बयान देना उचित नहीं है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया, उनका चढ़ावा स्वीकार नहीं हुआ पर भी संत धर्मदास महाराज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में दान करने वाले लोगों ने अपनी श्रद्धा और आस्था से योगदान दिया है। श्रद्धालु किसी पार्टी या वर्ग के आधार पर दान नहीं करते बल्कि अपनी भक्ति और समर्पण भाव से दान करते हैं।

संत धर्मदास महाराज ने कहा, "जो व्यक्ति मंदिर में दान करता है, वह अपनी श्रद्धा से करता है। कोई भी भक्त लालच या किसी राजनीतिक लाभ के लिए दान नहीं करता।" उन्होंने कहा कि जो लोग दान को राजनीति से जोड़ते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि उन्होंने स्वयं कितना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में श्रद्धा से दिया गया छोटा से छोटा दान भी महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा कि बिना श्रद्धा के भक्ति संभव नहीं है। जो लोग दूर-दूर से मंदिरों में दर्शन करने आते हैं, उनके मन में आस्था होती है, तभी वे इतनी दूर की यात्रा करते हैं। सीएम योगी खुद भी अपनी श्रद्धा से भगवान राम को चढ़ावा चढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर न्यायालय में प्रक्रिया चल रही है और अंतिम निर्णय उसी के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर तथ्यों के आधार पर विचार होना चाहिए।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   16 July 2026 4:20 PM IST

Tags

Next Story