मोदी सरकार के 12 साल पर हुड्डा ने उठाए सवाल, कहा- बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी
चंडीगढ़, 10 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और विकास कार्यों की कमी को लेकर सरकार की आलोचना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूरे होने को लेकर हुड्डा ने कहा कि संसदीय कार्यकाल के हिसाब से यह एक लंबा कार्यकाल है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन भाजपा सरकारों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी भाजपा को सत्ता में लगभग 12 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान राज्य में अपेक्षित विकास नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक "नॉन-परफॉर्मिंग सरकार" साबित हुई है। उनके अनुसार, राज्य में न तो कोई बड़ी मेट्रो परियोजना शुरू हुई, न नई रेलवे लाइन बिछाई गई और न ही बिजली उत्पादन की दिशा में कोई महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई बड़ा शैक्षणिक संस्थान या विश्वविद्यालय भी स्थापित नहीं किया गया, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए हुड्डा ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आमदनी घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी प्रभावी रूप से नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण कृषि क्षेत्र संकट का सामना कर रहा है और किसान आर्थिक दबाव में हैं।
बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी लगातार बढ़ी है और युवा रोजगार के अवसरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश में लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक सूचकांकों में हरियाणा की स्थिति चिंताजनक बताई गई है, जो सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करती है।
रोहतक के बाजार में लगी आग की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए हुड्डा ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक और दुखद हादसा है। उन्होंने बताया कि आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात-आठ दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। कई परिवारों की आजीविका का साधन खत्म हो गया है और मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और राहत पैकेज को बढ़ाया जाना चाहिए।
हुड्डा ने मांग की कि जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उन्हें मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा पर्याप्त नहीं है और उसे बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही जिन व्यापारियों की दुकानें आग में नष्ट हुई हैं, उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई भी सरकार को करनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के संबंधों तथा सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर हुड्डा ने कहा कि यह दोनों नेताओं के बीच की राजनीतिक बातचीत है और उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने दल-बदल की राजनीति पर अपनी राय रखते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि पार्टी बदलना चाहते हैं, उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और फिर जनता के बीच जाकर नया जनादेश हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और चुने हुए प्रतिनिधियों को मतदाताओं के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
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Created On :   11 Jun 2026 12:16 AM IST












