मुंबई में 'महानगर गैस' के नाम पर करोड़ों की साइबर चोरी, एपीके फाइल भेजकर खाली कर रहे बैंक खाता

मुंबई में महानगर गैस के नाम पर करोड़ों की साइबर चोरी, एपीके फाइल भेजकर खाली कर रहे बैंक खाता
मुंबई में इन दिनों साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसमें ठग महानगर गैस के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। एपीके फाइल के जरिए हो रही इस ठगी ने शहर में चिंता बढ़ा दी है। बीते एक महीने में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने करीब 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

मुंबई, 29 मार्च (आईएएनएस)। मुंबई में इन दिनों साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसमें ठग महानगर गैस के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। एपीके फाइल के जरिए हो रही इस ठगी ने शहर में चिंता बढ़ा दी है। बीते एक महीने में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने करीब 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। ठग खुद को महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) का अधिकारी बताकर लोगों को मैसेज और कॉल करते हैं। इन मैसेज में गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जाती है, जिससे लोग डरकर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।

मुलुंड पश्चिम के 20 वर्षीय व्यापारी मितुल दोषी इस गिरोह के हालिया शिकार बने। उन्हें एक मैसेज मिला, जिसमें गैस कनेक्शन बंद करने की बात कही गई थी। उन्होंने 1150 रुपए का भुगतान कर दिया, लेकिन बाद में एक व्यक्ति ने खुद को एमजीएल अधिकारी बताते हुए कॉल किया और “बिल अपडेट” के नाम पर एक एपीके फाइल भेज दी। जैसे ही मितुल ने फाइल डाउनलोड कर अपनी बैंकिंग जानकारी डाली, ठगों ने उनके खातों से 11.82 लाख रुपए गायब कर दिए।

ऐसा ही एक मामला मालाड पूर्व में सामने आया, जहां 75 वर्षीय बुजुर्ग को 10 रुपए के बहाने फंसाया गया। व्हॉट्सऐप पर भेजे गए मैसेज में एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। फाइल इंस्टॉल करते ही उनके खाते से 20 मिनट के भीतर 8.59 लाख रुपए निकाल लिए गए।

पुलिस के अनुसार, यह ठगी एक सुनियोजित तरीके से की जा रही है। पहले लोगों को डराने वाला मैसेज भेजा जाता है, फिर कॉल कर भरोसा दिलाया जाता है और अंत में एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल कर लिया जाता है। यह मालवेयर ओटीपी, बैंक डिटेल्स और फोन का पूरा एक्सेस ठगों तक पहुंचा देता है।

साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी गैस कंपनी कभी एपीके फाइल के जरिए भुगतान या अपडेट नहीं करवाती। लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें और किसी अनजान लिंक या फाइल से दूर रहें। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर बैंक खाते को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।

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Created On :   29 March 2026 10:52 AM IST

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