नेशनल कांफ्रेस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व को लेकर बढ़ रहा असंतोष अल्ताफ ठाकुर

श्रीनगर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व और कामकाज के तरीके को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि 10-12 विधायकों ने बंद कमरे में दूसरी बैठक की है। उन्होंने रुहुल्ला के एक तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने की संभावना पर भी टिप्पणी की। साथ ही, उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली की संभावना को खारिज कर दिया और कहा कि आतंकवाद में कमी और सीआरपीएफ के जवानों के हताहत होने की घटनाओं में गिरावट का श्रेय केंद्र सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति को जाता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में आंतरिक संकट पर भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पार्टी अपनी नीतियों, कामकाज के तरीके और कथित मनमानी को लेकर अपने विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है। खबर है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के कई विधायक पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के काम करने के तरीके से नाखुश हैं, खासकर विधायकों के कथित अपमान को लेकर।"
नाराज विधायकों की गुप्त बैठकों पर अल्ताफ ठाकुर ने कहा, "नेशनल कॉन्फ्रेंस के लगभग 10-12 विधायकों ने कल देर शाम बंद कमरे में एक बैठक की। बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते में यह उनकी दूसरी गुप्त बैठक थी। एनसी के करीब 26 विधायक पार्टी की नीतियों, कामकाज और शासन के तरीके से असंतुष्ट हैं।
श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला के इस्तीफा देने पर अल्ताफ ठाकुर ने कहा, "रुहुल्ला एक तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में उभर सकते हैं, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। रुहुल्ला का नया राजनीतिक मंच अभी शुरुआती चरण में है, इसे स्थापित होने, अपना संगठन बनाने और अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए समय चाहिए।
नेशनल कांफ्रेस ने कहा है कि रुहुल्ला अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल क्यों नहीं कर पाए?' इस बयान पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "राजनीतिक दल इन मुद्दों पर वादे करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए खत्म हो चुके हैं, इन्हें किसी भी राजनीतिक दावे या नेतृत्व के जरिए बहाल नहीं किया जा सकता। राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के हाथ में है।"
अल्ताफ ठाकुर ने पिछले एक साल में अभियानों के दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान के हताहत न होने पर उन्होंने खुशी जताई और इसका श्रेय आतंकवाद के प्रति केंद्र सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद काफी कम हुआ है। साथ ही, उन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर में बचे हुए आतंकवादी भी खत्म कर दिए जाएंगे।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
