दिवाली पर गुजरात में बढ़ेंगी इमरजेंसी कॉल, 108 और 112 सेवाओं ने विशेष एक्शन प्लान तैयार

दिवाली पर गुजरात में बढ़ेंगी इमरजेंसी कॉल, 108 और 112 सेवाओं ने विशेष एक्शन प्लान तैयार
दिवाली और आने वाले नए साल के त्योहार को देखते हुए गुजरात में आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं, मेडिकल इमरजेंसी के मामलों से निपटने के लिए गुजरात 108 और 112 सेवाओं ने विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत अतिरिक्त मैनपावर, एंबुलेंस, कॉल सेंटर टीम और ऑपरेशन सुपरवाइजरों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया है।

अहमदाबाद, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिवाली और आने वाले नए साल के त्योहार को देखते हुए गुजरात में आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं, मेडिकल इमरजेंसी के मामलों से निपटने के लिए गुजरात 108 और 112 सेवाओं ने विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत अतिरिक्त मैनपावर, एंबुलेंस, कॉल सेंटर टीम और ऑपरेशन सुपरवाइजरों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया है।

ईएमआरआई गुजरात के सीओओ जशवंत प्रजापति ने बताया कि गुजरात में 108 इमरजेंसी सेवा पिछले 20 वर्षों से काम कर रही है। त्योहारों के दौरान लोगों को समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए पहले से मौजूद आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है और उसी के आधार पर इमरजेंसी कॉल की संभावित संख्या का अनुमान लगाया जाता है। दिवाली के साथ गुजरात में अगले दिन नया साल भी मनाया जाता है। इस वजह से चार से पांच दिनों तक त्योहारों का विशेष माहौल रहता है और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में 108 सेवा को प्रतिदिन औसतन 5,248 इमरजेंसी मिलती हैं। दिवाली के दिन यह संख्या 16 प्रतिशत बढ़कर 6,111 होने का अनुमान है। वहीं, नए साल के दिन इमरजेंसी मामलों में 29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इनकी संख्या 6,776 तक पहुंच सकती है। भाई दूज के दिन भी सामान्य दिनों की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना है और इस दौरान लगभग 6,453 इमरजेंसी मामलों का अनुमान लगाया गया है।

जशवंत प्रजापति ने बताया कि दिवाली के दिन पटाखे जलाने के कारण आग लगने, छोटी-मोटी चोटों और जलने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। प्रदूषण के कारण सांस लेने में परेशानी से जुड़े मामलों में भी इजाफा होता है। त्योहार के दौरान मारपीट और हमले से संबंधित घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। वहीं, अन्य दिनों में सड़क दुर्घटनाओं और ट्रॉमा के मामलों में वृद्धि होती है, जिनमें दोपहिया और चारपहिया वाहन प्रमुख रूप से शामिल रहते हैं। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए 108 सेवा के कॉल सेंटर में काम करने वाले ईआरओ और फील्ड में तैनात ईएमटी और पायलट अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे।

उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों के साथ पहले से समन्वय स्थापित किया गया है। इस वर्ष स्मार्ट रेफरल सिस्टम लागू किया गया है। इसके माध्यम से अस्पतालों को आने वाली एंबुलेंस की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, यदि किसी मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाता है तो उसकी जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे मरीज को लगातार बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रजापति ने बताया कि गृह विभाग ने 112 को इंटीग्रेटेड इमरजेंसी नंबर घोषित किया है। इसके तहत अब पुलिस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं है। पहले पुलिस के लिए 100, फायर सर्विस के लिए 101, मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108, महिला हेल्पलाइन के लिए 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 नंबर का इस्तेमाल होता था। अब 112 पर संपर्क करके इन सभी सेवाओं की सहायता प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि 112 सेवा पर सामान्य दिनों में प्रतिदिन औसतन 3,610 प्रभावी इमरजेंसी कॉल आती हैं। दिवाली के दिन इसमें 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ संख्या 6,277 तक पहुंचने का अनुमान है। नए साल पर 61 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 5,822 और भाई दूज पर 19 प्रतिशत वृद्धि के साथ करीब 4,003 इमरजेंसी कॉल आने की संभावना है।

इमरजेंसी सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के लिए पुलिस बल के साथ भी विशेष तैयारी की गई है। पीसीआर वैन में जीपीएस और सीएडी तकनीक के एकीकरण के जरिए डायनामिक हॉटस्पॉट तय किए गए हैं। गूगल हॉटस्पॉट थ्योरी के आधार पर यह निर्धारित किया गया है कि व्यस्त समय में किन स्थानों पर वाहन तैनात रहने से घटनास्थल तक पहुंचने में कम से कम समय लगेगा। गुजरात में 108 सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 12 मिनट 50 सेकंड है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह करीब 9 मिनट है। जिन जिलों में इमरजेंसी मामलों में अधिक वृद्धि होने की संभावना है, वहां अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की जाएंगी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story