एनसी नेता मुबारक गुल ने टाली प्रेस कॉन्फ्रेंस, मंत्री न बनाए जाने पर नाराजगी के बाद बोले-मैं फाइटर हूं, लड़ता रहूंगा

श्रीनगर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नाराज नेता मुबारक गुल ने बुधवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी। उन्होंने कहा कि वह मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगे और भविष्य में किसी उचित समय पर अपनी बात रखेंगे।
मुबारक गुल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी लेकिन उससे पहले उन्होंने एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा उन्हें पार्टी का महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। गुल ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रति अपनी निराशा जताई जिन्होंने पिछले सप्ताह अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था लेकिन मुबारक गुल को मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया।
लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद छह बार के विधायक मुबारक गुल ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे अब तक 20 शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल हो चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें (मंत्रिमंडल में जगह पाने से) वंचित रखा गया।
उन्होंने यह कहते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी कि वे 'एनसी के बारे में सारे राज खोल देंगे।' हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस को टालने से ऐसा लग रहा है कि 'एनसी आलाकमान ने गुल को मना लिया है।' वहीं, गुल ने मीडिया को बताया कि उन्होंने ब्रीफिंग इसलिए टाली है क्योंकि उनके एक एनसी सहयोगी के पिता का निधन हो गया था।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए गुल ने कहा कि उन्होंने यह फैसला अपने सहयोगियों से सलाह लेने और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। उनके अनुसार, ये कार्यकर्ता दशकों से उनके साथ खड़े रहे हैं। गुल ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात, वहां के माहौल, अपने सहयोगियों से बातचीत और अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए मैंने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को टालने का फैसला किया है। मैं अभी इस मामले पर कुछ नहीं कहूंगा।"
मीडिया के सवालों से बचते हुए भी गुल ने कहा, "मैं एक फाइटर हूं और मैं लड़ता रहूंगा।" यह घटनाक्रम सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सामने आया है। खासकर हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार और उसके बाद संगठनात्मक बदलावों के कारण पार्टी में गुल की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे थे।
27 अक्टूबर को जब अली मोहम्मद सागर उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल हुए, तो एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने गुल को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया था।
हालांकि, बाद में पार्टी के एक आदेश में सागर को अगले आदेश तक महासचिव के पद पर बने रहने के लिए कहा गया। जाहिर है, यह आदेश तब जारी किया गया जब मुबारक गुल ने पार्टी के महासचिव का पद संभालने से इनकार कर दिया था।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
