न्यूयॉर्क में सिबी जॉर्ज और मिगुएल मोराटिनोस की मुलाकात, भारत-यूएनएओसी सहयोग पर हुई चर्चा

न्यूयॉर्क में सिबी जॉर्ज और मिगुएल मोराटिनोस की मुलाकात, भारत-यूएनएओसी सहयोग पर हुई चर्चा
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के हाई-लेवल सेशन के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यूएन सभ्यताओं के गठबंधन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

संयुक्त राष्ट्र, 29 सितंबर (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के हाई-लेवल सेशन के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यूएन सभ्यताओं के गठबंधन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, ''विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के दौरान संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं के गठबंधन (यूएनएओसी) के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस से मुलाकात की। दोनों ने अप्रैल 2026 में मोराटिनोस की नई दिल्ली की सफल यात्रा के बाद उनके अनुभव और फीडबैक पर चर्चा की। साथ ही, भविष्य में दोनों पक्षों के बीच संभावित सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई।''

इससे पहले विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यूएनजीए के दौरान डरबन घोषणा और कार्ययोजना (डीडीपीए) को अपनाए जाने के 25 साल पूरे होने पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भारत का बयान दिया।

उन्होंने नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, विदेशियों के प्रति नफरत और इससे जुड़े भेदभाव के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने सभी लोगों के लिए बराबरी और सम्मान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

भारत ने कहा कि डीडीपीए को पूरी तरह और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। ये कोशिशें देशों के अपने स्तर पर आगे बढ़ाई जानी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनके बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।

इससे पहले रव‍िवार को एक अलग बैठक में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि दोनों ने बदलते वैश्विक हालात और दुनियाभर में मानवीय सहायता से जुड़ी कोशिशों के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की।

इस बातचीत में खास तौर पर उन बढ़ती मुश्किलों पर ध्यान दिया गया, जिनका मानवीय सहायता देने वाली एजेंसियां सामना कर रही हैं। दुनिया के कई हिस्सों में एक साथ आपात हालात पैदा होने से इन संगठनों पर दबाव बढ़ रहा है। यह बातचीत भारत और डब्‍लयूएफपी की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी के लिहाज से भी अहम थी।

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Created On :   29 Sept 2026 11:42 AM IST

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