सऊदी अरब में अजित डोभाल की कूटनीतिक पहल, सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग पर जोर

सऊदी अरब में अजित डोभाल की कूटनीतिक पहल, सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग पर जोर
राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मिडिल ईस्ट में बदलते घटनाक्रम के बीच राष्‍ट्रीय सुरक्षा सहयोग को सशक्‍त बनाने और ऊर्जा स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से सोमवार को उच्‍चस्‍तरीय वार्ता के लिए सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे।

नई दिल्ली/रियाद, 21 जुलाई (आईएएनएस)। राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मिडिल ईस्ट में बदलते घटनाक्रम के बीच राष्‍ट्रीय सुरक्षा सहयोग को सशक्‍त बनाने और ऊर्जा स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से सोमवार को उच्‍चस्‍तरीय वार्ता के लिए सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे।

रियाद में मौजूद भारतीय दूतावास ने मंगलवार को एक्स प्लेटफॉर्म पर इस दौरे से जुड़े अहम बिंदु का जिक्र किया। पोस्ट के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की गई। जिनमें देखा जा सकता है कि रियाद पहुंचने पर उनका स्वागत सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों के उपमंत्री डॉ. सऊद अल-साती और भारत में सऊदी अरब के राजदूत डॉ. सुहैल खान ने पूरी गर्मजोशी से किया।

दौरे के दौरान डोभाल ने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मुसाएद अल-अइबान से अलग-अलग मुलाकात की।

बैठकों के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

दूतावास के अनुसार, इस यात्रा को भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी तथा सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूएस- ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ी चिंताओं के बीच यह यात्रा हो रही है। अमरीकी हमलों और एक कमजोर संघर्ष विराम के कारण दुनिया एक बार फिर ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है।

विश्‍व के सबसे बड़े कच्‍चे तेल आयातकों में से एक भारत सऊदी से होने वाली आपूर्तियों पर काफी निर्भर है। बैठक में सुरक्षा सहयोग के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबले पर समन्‍वय और खुफिया जानकारी को साझा किए जाने पर समीक्षा की।

भारतीय दूतावास के आधिकारिक वेबसाइट में दी गई जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब भारत को कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो भारत की कुल तेल आवश्यकता का लगभग 14% पूरा करता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, दोनों देश समुद्री गलियारों और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

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Created On :   21 July 2026 7:04 PM IST

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