ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ भारत ने नष्ट किए थे नौ टेररिस्ट कैंप, आतंकी मानते थे इन्हें सबसे सुरक्षित ठिकाना

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ भारत ने नष्ट किए थे नौ टेररिस्ट कैंप, आतंकी मानते थे इन्हें सबसे सुरक्षित ठिकाना
आज से एक साल पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेनाओं के इस ऑपरेशन को एक वर्ष पूरा हो गया है। लगभग तीन दिन तक चला यह ऑपरेशन भले ही समय के लिहाज से छोटा था, लेकिन इसकी रणनीति और सैन्य प्रभाव बेहद व्यापक रहे।

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। आज से एक साल पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेनाओं के इस ऑपरेशन को एक वर्ष पूरा हो गया है। लगभग तीन दिन तक चला यह ऑपरेशन भले ही समय के लिहाज से छोटा था, लेकिन इसकी रणनीति और सैन्य प्रभाव बेहद व्यापक रहे।

यह सिर्फ एक सीमित सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर ने भविष्य के युद्ध की दिशा और सोच दोनों को बदलकर रख दिया। बीते वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने टूरिस्टों पर हमला किया था। इस हमलों में 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या की गई। इनमें से 25 पर्यटक थे।

भारतीय सेना ने इस कायरता पूर्ण हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद इन आतंकवादियों के कैंपो को भी ध्वस्त कर दिया गया। बीते वर्ष 6-7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था।

इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के 9 बड़े कैंप पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। बड़ी संख्या में वहां मौजूद आतंकवादियों को भी ढेर किया गया था।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने इस ऑपरेशन में अपने तय लक्ष्यों को हासिल किया। ऑपरेशन सिंदूर ने एक नई रणनीतिक समझ की झलक भी दी, जिसमें आक्रामकता और संयम दोनों साथ-साथ चलते हैं। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत के सटीक हमलों से हुई थी। इन हमलों का लक्ष्य सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी कैंप नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित आतंकी संगठनों के मुख्यालय भी भारतीय सेनाओं के निशाने पर थे।

पाकिस्तान में मौजूद ये वे आतंकी कैंप थे जिन्हें आपरेशन सिंदूर से पहले तक आतंकवादी अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते थे। भारतीय सेनाओं ने बिना सीमा पार किए एक भीषण ऑपरेशन में इन आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने न तो लाइन ऑफ कंट्रोल पार की न ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार टैंकों या पैदल सेना की एंट्री हुई। बावजूद इसके आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई अत्यंत तीव्र रही। हवाई व मिसाइल तकनीक के जरिए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन उसे नाकामी ही हाथ लगी। भारतीय वायुसेना ने बिना समय गंवाए से एयर सुपीरियॉरिटी हासिल कर ली। इससे कई महत्वपूर्ण सेक्टरों में पाकिस्तान की हवाई क्षमता सीमित हो गई। यहीं नहीं भारत ने सफलतापूर्वक दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली को भी नाकाम और नष्ट करने सफल की रणनीति अपनाई। भारत को इस में सफलता भी मिली। इसका नतीजा यह हुआ कि ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान वायुसेना ने जो कार्रवाई शुरू की थी उसको वह लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सका।

वहीं जमीन पर भी भारतीय सेना की बढ़त बनी रही। सेना ने नियंत्रण रेखा पर यह रणनीतिक बढ़त बनाए रखी। यहां सेना की सटीक जवाबी कार्रवाई और मजबूत तैनाती ने पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। लगातार बढ़ते दबाव और सैन्य नुकसान के चलते अंत में पाकिस्तान को सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी। इस तरह महज करीब तीन दिन में यह संघर्ष समाप्त हुआ, लेकिन भारत स्पष्ट कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं हुआ।

एक ओर जहां दबाव में आए पाकिस्तान को सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी थी वहीं ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखाया दिया कि भविष्य के युद्ध छोटे हो सकते हैं लेकिन ये काफी तीव्र और अत्यधिक तकनीकी होंगे। पारंपरिक जमीनी युद्ध की जगह एयर पावर, साइबर और प्रिसिशन स्ट्राइक अहम भूमिका निभाएंगे।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एक वर्ष बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सफल सैन्य कार्रवाई भर नहीं थी, बल्कि यह नई युद्ध नीति का आगाज था। इसने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष की सीमाओं, रणनीतियों और जोखिमों को नए सिरे से परिभाषित किया है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय तक उपमहाद्वीप की सुरक्षा संरचना इसी बदलती सोच के इर्द-गिर्द विकसित होती दिखेगी।

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Created On :   6 May 2026 9:27 PM IST

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